मां बगलामुखी-प्रत्यंगिरा कवच पाठ एवं 21 किलो लाल मिर्च हवन
नकारात्मकता से बचाव, समृद्धि और शत्रुओं पर विजय के लिए
पूजा का महत्व
पूजा के लाभ
सुरक्षा चक्र व नकारात्मकता से मुक्ति
मां बगलामुखी और प्रत्यंगिरा देवी का अमोघ कवच जातक और उसके परिवार के चारों ओर एक सुरक्षा चक्र निर्मित करता है, जिससे तंत्र-मंत्र और नजर दोष निष्प्रभावी हो जाते हैं।
शत्रुओं और मुकदमों पर पूर्ण विजय
कोर्ट-कचहरी के विवादों, व्यापारिक प्रतिस्पर्धियों और गुप्त शत्रुओं की चालें विफल होती हैं तथा उनकी बुद्धि कुंठित हो जाती है।
समृद्धि और धन-धान्य का आगमन
जीवन में आ रही आर्थिक रुकावटें दूर होती हैं, नए आय के स्रोत बनते हैं और व्यापार व नौकरी में अपार सफलता प्राप्त होती है।
भय, तनाव और मानसिक अशांति का नाश
अज्ञात भय, चिंता और अवसाद दूर होता है तथा जीवन में आत्मबल और सकारात्मकता का संचार होता है।
पूजा प्रक्रिया
नाम-गोत्र संकल्प
नाम- गोत्र से शत्रु विजय, सर्व-बाधा शांति और अखंड समृद्धि का विशेष संकल्प।
गणपति एवं नवग्रह आवाहन
विघ्नहर्ता श्री गणेश, क्षेत्रपाल भैरव बाबा और नवग्रहों का पूजन व कलश स्थापना।
मां बगलामुखी व प्रत्यंगिरा कवच पाठ
वैदिक आचार्यों द्वारा मां बगलामुखी और महा-प्रत्यंगिरा स्तोत्र व कवच का सस्वर पाठ।
21 किलो लाल मिर्च महाहवन
विशेष तांत्रिक विधि से 21 किलो लाल मिर्च, राई, पीली सरसों और विशेष हवन सामग्रियों द्वारा शत्रु बुद्धि विनाशिनी महाअग्नि में आहुतियां।
पूर्णाहुति व महाआरती
मां बगलामुखी की आरती के साथ जातक की सुरक्षा और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना।
मंदिर विवरण
मां बगलामुखी मंदिर
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में पांडोह के समीप भाखली में स्थित यह मां बगलामुखी मंदिर प्रकृति की गोद में बसा अति-प्राचीन सिद्ध पीठ है। पांडव कालीन परंपरा से जुड़े इस मंदिर की ऊर्जा अत्यंत उग्र और जाग्रत मानी जाती है। मान्यता है कि यहां किए गए हवन और पाठ का प्रभाव जातक के जीवन में शीघ्र दिखाई देता है।
आपको क्या मिलेगा?
पूजा का स्पष्ट वीडियो 48 घंटे के भीतर आपके WhatsApp पर भेज दिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब
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