कालीघाट महाकाली-शनि सिद्ध-कवच, शत्रु-संहार एवं साढ़ेसाती शांति महायज्ञ

कालीघाट महाकाली-शनि सिद्ध-कवच, शत्रु-संहार एवं साढ़ेसाती शांति महायज्ञ

शनि दोष, बुरी नजर और शत्रुओं से सुरक्षा के लिए

कालीघाट शक्तिपीठ एवं नवग्रह शनि मंदिर उज्जैन
शनिवार, 7 नवंबर Auspicious Muhurat

This puja includes up to 4 family members at no extra cost.

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पूजा का महत्व

इस अनुष्ठान का उद्देश्यशनि की साढ़े साती, ढैया और शनि की उग्र महादशा/अंतर्दशा के कुप्रभावों का शमनउग्र शत्रुओं की कुबुद्धि का नाश, मुकदमों में सफलता और विरोधियों के षड्यंत्रों का नाशतीव्र नजर दोष, भूत-प्रेत बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा के लिएजीव…

पूजा के लाभ

शनि दोष व साढ़े साती से मुक्ति

शनि की साढ़े साती, ढैय्या और प्रतिकूल शनि ग्रह स्थिति से मिलने वाले शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्ट समाप्त होते हैं।

शत्रु बाधा व मुकदमों पर विजय

गुप्त शत्रुओं, कोर्ट-कचहरी के विवादों और विरोधियों की चालें निष्प्रभावी हो जाती हैं और जातक को विजय प्राप्त होती है।

बुरी नजर और तंत्र बाधाओं से रक्षा

तीव्र नजर दोष, काला जादू, तांत्रिक बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा से परिवार की रक्षा होती है।

मानसिक शांति व भय से मुक्ति

अकारण भय,डिप्रेशन और मानसिक तनाव दूर होता है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

पूजा प्रक्रिया

01

नाम-गोत्र संकल्प

शनि दोष निवारण, बुरी नजर से रक्षा और शत्रु संहार की कामना के साथ नाम-गोत्र से विशेष संकल्प।

02

गणपति व नवग्रह आवाहन

सर्वविघ्नहर्ता श्री गणेश और नवग्रहों का विधिवत पूजन व कलश स्थापना।

03

महाकाली-कवच पाठ

कालीघाट शक्तिपीठ में वैदिक आचार्यों द्वारा मां महाकाली के उग्र मंत्रों, अपराजिता स्तोत्र एवं सिद्ध-कवच का सस्वर पाठ।

04

तैलाभिषेक व शनि शांति मंत्र जाप

नवग्रह शनि मंदिर उज्जैन में शनिदेव का सरसों के तेल, काले तिल और शमी पत्र से अभिषेक व शनि बीज मंत्रों का जाप।

05
✦ The Core Ritual

शत्रु-संहरा व साढ़े साती शांति महायज्ञ

पवित्र अग्नि में काले तिल, राई, विशेष औषधियों एवं आहुतियों द्वारा महायज्ञ, पूर्णाहुति व महाआरती।

मंदिर विवरण

कालीघाट शक्तिपीठ एवं नवग्रह शनि मंदिर

उज्जैन

कोलकाता स्थित कालीघाट मंदिर भारत के 51 शक्तिपीठों में अत्यंत प्रमुख और सिद्ध पीठ माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के पार्थिव शरीर का छेदन किया था, तब माता सती के दाएं पैर की अंगुलियां इसी पवित्र स्थान पर गिरी थीं। यहां मां काली अपने प्रचंड और करुणामयी स्वरूप में विराजमान हैं। उज्जैन में पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित नवग्रह शनि मंदिर भारत का अत्यंत प्राचीन और प्रसिद्ध शनि पीठ है, जहां श…

आपको क्या मिलेगा?

01

पूजा का वीडियो 48 घंटे के भीतर आपके WhatsApp पर भेज दिया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब

क्या जिनकी कुंडली में ग्रह दोष नहीं है, वे भी यह पूजा करा सकते हैं?
काली चौदस के दिन महाकाली व शनिदेव की पूजा का क्या महत्व है?
दो अलग-अलग मंदिरों (कोलकाता और उज्जैन) में पूजा कैसे संपन्न होगी?
क्या मंदिर में उपस्थित हुए बिना ऑनलाइन पूजा का पूरा फल मिलेगा?
वेदा मंदिर द्वारा पूर्ण वैदिक विधान से होने वाली पूजाओं में शामिल हों, सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति प्राप्त करें।
कालीघाट महाकाली-शनि सिद्ध-कवच, शत्रु-संहार एवं साढ़ेसाती शांति महायज्ञ