ऋण-नाशक कनकधारा स्तोत्र पाठ एवं महालक्ष्मी-कुबेर सम्पुट हवन

ऋण-नाशक कनकधारा स्तोत्र पाठ एवं महालक्ष्मी-कुबेर सम्पुट हवन

जब मां लक्ष्मी स्वयं पृथ्वी पर आकर धन-धान्य का वरदान देती हैं, शरद पूर्णिमा की उस सिद्ध रात्रि पर, पाएं जन्मों की दरिद्र

गजलक्ष्मी मंदिर उज्जैन
रविवार, 25 अक्तूबर शरद पूर्णिमा

This puja includes up to 4 family members at no extra cost.

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पूजा का महत्व

इस अनुष्ठान का उद्देश्यजन्मों-जन्मों के कड़े कर्ज (Debt), व्यापारिक घाटे और दरिद्रता का जड़ से नाश'कनकधारा' (स्वर्णधारा) की भांति जीवन में धन, वैभव और समृद्धि का निरंतर प्रवाहयक्षराज कुबेर के खजाने का आशीर्वाद और तिजोरी में स्थाई लक्ष्मी का वासशरद पू…

पूजा के लाभ

ऋण व कर्ज से मुक्ति

कनकधारा स्तोत्र के प्रभाव से पुराने से पुराने कर्ज, लोन और उधारी चुकाने के नए मार्ग सुलभ होते हैं।

अखंड लक्ष्मी योग

व्यापार में रुका हुआ पैसा वापस मिलता है, बिक्री में वृद्धि होती है और आय में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होती है।

कुबेर देव की कृपा

धन के देवता कुबेर के सम्पुट मंत्रों से तिजोरी और बैंक-बैलेंस में स्थिरता आती है, व्यर्थ के खर्चे रुकते हैं।

दुर्भाग्य व दरिद्रता का नाश

घर में छाई नकारात्मक ऊर्जा, कलह और आर्थिक तंगी दूर होकर सुख-समृद्धि का वास होता है।

अमृत तुल्य स्वास्थ्य व मानसिक शांति

शरद पूर्णिमा की रात्रि में किए गए इस हवन से घर के सदस्यों को आरोग्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

पूजा प्रक्रिया

01

गणपति एवं श्रीयंत्र पूजन

विघ्नहर्ता गणेश जी एवं धनदात्री मां लक्ष्मी के साक्षात स्वरूप 'श्रीयंत्र' का आवाहन व पंचामृत अभिषेक।

02

व्यक्तिगत नाम-गोत्र संकल्प

वैदिक आचार्यों द्वारा आपके नाम, गोत्र और कर्ज-मुक्ति व धन-वृद्धि की विशेष कामना का संकल्प।

03

ऋण-नाशक कनकधारा स्तोत्र पाठ

108 बार सिद्ध कनकधारा स्तोत्र का लयबद्ध वैदिक पाठ।

04

महालक्ष्मी-कुबेर सम्पुट महाहवन

कमलगट्टे, शुद्ध गाय के घी, शहद, खीर और श्रीसूक्त व कुबेर मंत्रों से पवित्र हवन।

05

अमृतमयी खीर महाभोग अर्पण

चंद्रमा की 16 कलाओं की रोशनी में रखी सिद्ध अमृतमयी खीर का मां लक्ष्मी व कुबेर देव को विशेष महाभोग।

06
✦ The Core Ritual

कोजागरी दीपदान व महाआरती

दीप प्रज्वलित कर महाआरती एवं परिवार के कल्याण की प्रार्थना।

मंदिर विवरण

गजलक्ष्मी मंदिर

गजलक्ष्मी मंदिर

उज्जैन

उज्जैन (अवंतिका नगरी) स्थित यह गजलक्ष्मी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सोए हुए भाग्य को जगाने वाली एक अत्यंत जाग्रत सिद्ध पीठ है। यह विश्व का अत्यंत दुर्लभ मंदिर है जहां मां लक्ष्मी स्वर्ग के राजा इंद्र के वाहन 'ऐरावत' हाथी पर सवार हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, महाभारत काल में अज्ञातवास के दौरान जब पांडव अत्यंत संकट और दरिद्रता से जूझ रहे थे, तब माता कुंती ने अपने पुत्र अर्जुन से महालक्ष्मी के गजलक्ष्मी रूप की पूजा करने की इच्छा जताई थी। म…

आपको क्या मिलेगा?

01

शरद पूर्णिमा रात्रि में संपन्न हुए कनकधारा पाठ, सम्पुट हवन और आरती का पूरा वीडियो 48 घंटे के भीतर आपके WhatsApp पर।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब

इस पूजा को 'ऋण-नाशक कनकधारा पाठ' क्यों कहा जाता है?
शरद पूर्णिमा की रात ही यह पूजा क्यों करानी चाहिए?
कुबेर सम्पुट हवन का क्या विशेष लाभ है?
क्या बिना उपस्थित हुए मुझे इस पूजा का पूरा लाभ मिलेगा?
वेदा मंदिर द्वारा पूर्ण वैदिक विधान से होने वाली पूजाओं में शामिल हों, सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति प्राप्त करें।
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