राहु नक्षत्र एकादशी: गुरु-चांडाल दोष निवारण पूजा
आर्थिक स्थिरता, करियर की बाधाओं को दूर करने और मानसिक स्पष्टता के लिए महापूजा
This puja includes up to 4 family members at no extra cost.
पूजा का महत्व
पूजा के लाभ
गुरु-चांडाल दोष से मुक्ति
कुंडली में गुरु-राहु/केतु की युति से उत्पन्न सभी प्रकार के विपरीत प्रभावों का शमन का होता है।
करियर और व्यापार में वित्तीय स्थिरता
नौकरी में रुकावटें दूर होती हैं, प्रमोशन के अवसर बनते हैं और व्यापार में अचानक होने वाले नुकसान पर रोक लगती है।
मानसिक स्पष्टता व सही निर्णय क्षमता
राहु जनित भ्रम, मानसिक तनाव, निर्णय न ले पाने की स्थिति और एकाग्रता की कमी से राहत मिलती है।
पूजा प्रक्रिया
नाम-गोत्र संकल्प
गुरु-चांडाल दोष शांति हेतु आचार्यों द्वारा नाम-गोत्र से विशेष संकल्प।
गणपति एवं नवग्रह पूजन
सर्वविघ्नहर्ता श्री गणेश का आवाहन, कलश स्थापना और नवग्रह शांति पूजन।
गुरु ग्रह बृहस्पति का पूजन
कुंडली में गुरु ग्रह को मजबूत करने और गुरु-चांडाल दोष के अशुभ प्रभावों को शांत करने के लिए देवगुरु का विशेष पूजन।
गुरु-राहु महा-मंत्र जाप
वैदिक आचार्यों द्वारा गुरु बीज मंत्र, राहु शांति मंत्रों और आरोग्य प्राप्ति मंत्रों का विधिवत जाप।
मंदिर विवरण
बृहस्पति मंदिर
भगवान शिव की नगरी काशी में दशाश्वमेध घाट के समीप स्थित बृहस्पति मंदिर बहुत ही प्राचीन और प्रतिष्ठित है। शास्त्रों के अनुसार, इसी पावन स्थल पर देवगुरु बृहस्पति ने तपस्या कर भगवान शिव से नवग्रह में गुरु पद प्राप्त किया था। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग की स्थापना स्वयं देवगुरु बृहस्पति ने की थी। एकादशी के पावन दिन इस ऐतिहासिक धाम में की गई पूजा निष्फल नहीं जाती और साधक को मनोवांछित फल प्राप्त होता है।
आपको क्या मिलेगा?
पूजा का वीडियो 48 घंटे के भीतर आपके WhatsApp पर भेज दिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब
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