अखंड सौभाग्य राजयोग प्राप्ति चौथ माता महापूजा

अखंड सौभाग्य राजयोग प्राप्ति चौथ माता महापूजा

12 साल बाद बने महासंयोग में पति की दीर्घायु, अखंड सुहाग और दांपत्य जीवन में राजयोग समान सुख-समृद्धि के लिए महापूजा।

चौथ माता मंदिर राजस्थान
गुरुवार, 29 अक्तूबर करवाचौथ

This puja includes up to 4 family members at no extra cost.

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पूजा का महत्व

इस अनुष्ठान का उद्देश्य12 साल बाद बने गुरु-रोहिणी नक्षत्र योग में अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की प्राप्तिदांपत्य जीवन के कलह, तनाव और अनबन को समाप्त कर आपसी प्रेम व विश्वास बढ़ानासुहाग संबंधी कुंडली दोष (जैसे मांगलिक दोष) का निवारण और पति के करि…

पूजा के लाभ

12 साल बाद बने राजयोग से अखंड सौभाग्य

सुहाग के कारक गुरु बृहस्पति और रोहिणी नक्षत्र के दुर्लभ योग में पूजा से दांपत्य जीवन में 'राजयोग' समान सुख, अटूट प्रेम और पति को दीर्घायु प्राप्त होती है।

पति की प्रगति और समाज में प्रतिष्ठा

इस पावन अनुष्ठान से पति के जीवन से अकाल दुर्घटनाओं का संकट टलता है, उत्तम स्वास्थ्य मिलता है तथा नौकरी व व्यापार में उच्च पद-प्रतिष्ठा मिलती है।

वैवाहिक अनबन व सुहाग दोषों का शमन

पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव, आपसी कलह तथा कुंडली के सुहाग संबंधी दोष शांत होते हैं।

संतान सुख व वंश वृद्धि

गुरु ग्रह और रोहिणी नक्षत्र के उत्पादक प्रभाव से संतान हीन दंपतियों को योग्य संतान सुख और संतान की दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।

घर-परिवार की सुरक्षा व आर्थिक स्थिरता

दुनिया के सबसे प्राचीन चौथ माता शक्तिपीठ से किया गया संकल्प पूरे परिवार को बुरी नजर से बचाता है और घर में सुख-समृद्धि लाता है।

पूजा प्रक्रिया

01

गणेश जी व चौथ माता आवाह्न

सर्वप्रथम विघ्नहर्ता श्री गणेश और चौथ माता का आवाह्न व पूजन।

02

नाम-गोत्र संकल्प

आपके, आपके पति और परिवार के कल्याण व अखंड सुहाग की कामना के साथ वैदिक आचार्यों द्वारा विशेष संकल्प।

03

गौरी-गणेश व नवग्रह पूजन

सुहाग और दांपत्य सुख की वृद्धि के लिए माता गौरी, गणेश जी और सभी नवग्रहों का पंचोपचार व षोडशोपचार पूजन।

04
✦ The Core Ritual

चौथ माता कथा व आरती

करवाचौथ की पौराणिक व्रत कथा का पाठ, जिसके पश्चात धूप-दीप से माता रानी और गणेश जी की महाआरती संपन्न कर सुहाग रक्षा की प्रार्थना।

मंदिर विवरण

चौथ माता मंदिर

राजस्थान

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में अरावली की मनोरम पर्वत श्रृंखलाओं के बीच, चौथ का बरवाड़ा कस्बे में समुद्र तल से लगभग 1,100 फीट की ऊंचाई पर बसा यह पावन धाम संपूर्ण विश्व में चौथ माता का सबसे प्राचीन, विशाल और मुख्य शक्तिपीठ माना जाता है। मंदिर के दिव्य गर्भगृह में साक्षात प्रकट हुई चौथ माता की अचल प्रतिमा के साथ-साथ उनके पुत्र भगवान गणेश और रक्षक भैरव जी की प्रतिमाएं भी प्रतिष्ठित हैं। करवाचौथ के दिन इस सिद्ध पर्वत शिखर पर पूजन करने से सुहाग की र…

आपको क्या मिलेगा?

01

करवाचौथ की पावन शाम को संपन्न हुई पूजा का वीडियो 48 घंटे के भीतर WhatsApp पर भेज दिया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब

12 साल बाद बने इस महासंयोग का क्या महत्व है?
क्या दूर रहकर भी इस पूजा से मेरे पति को लाभ और लंबी उम्र मिलेगी?
चौथ का बरवाड़ा मंदिर में पूजा कराने का क्या विशेष महत्व है?
क्या इस पूजा से विवाह संबंधी कुंडली दोष भी दूर होते हैं?
क्या यह पूजा केवल महिलाओं (सुहागिनों) के लिए है?
वेदा मंदिर द्वारा पूर्ण वैदिक विधान से होने वाली पूजाओं में शामिल हों, सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति प्राप्त करें।
अखंड सौभाग्य राजयोग प्राप्ति चौथ माता महापूजा