निशा काल, कालरात्रि - काली महापूजा एवं शत्रु संहार काली मिर्च यज्ञ
शत्रुओं के षड्यंत्रों का होगा नाश

निशा काल, कालरात्रि - काली महापूजा एवं शत्रु संहार काली मिर्च यज्ञ

कालीघाट शक्तिपीठ में इस अनुष्ठान से पाएं शत्रुओं पर विजय, तंत्र बाधा से मुक्ति और अभेद्य सुरक्षा का वरदान

कालीघाट,शक्तिपीठ कोलकाता
शनिवार, 17 अक्तूबर कालरात्रि (सप्तमी)

This puja includes up to 4 family members at no extra cost.

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पूजा का महत्व

 इस अनुष्ठान का उद्देश्य गुप्त व प्रकट शत्रुओं, विरोधियों और ईर्ष्यालु लोगों के षड्यंत्रों का नाशनकारात्मक ऊर्जा, नजर दोष एवं तंत्र-मंत्र के प्रभावों को नष्ट करने के लिए जीवन में भय, अवसाद, कोर्ट-कचहरी की उलझनों और अकारण आ रही रुकावटों का शमन मां काल…

पूजा के लाभ

गुप्त शत्रुओं व विरोधियों पर विजय

व्यापार, नौकरी या सामाजिक जीवन में आपको नुकसान पहुंचाने वाले शत्रुओं के षड्यंत्र विफल होते हैं।

तंत्र, नजर व प्रेत बाधा से मुक्ति

घर या व्यक्ति पर बने किसी भी प्रकार के किये-कराये, नजर दोष या नकारात्मक शक्तियों का शमन होता है।

अकारण भय व अवसाद से राहत

मानसिक तनाव, दुःस्वप्न और अकाल मृत्यु का भय दूर होकर मन में साहस व आत्मविश्वास का संचार होता है।

कानूनी व कोर्ट-कचहरी मामलों में सफलता

लंबे समय से अटके हुए कानूनी विवादों और मुकदमों में अनुकूल परिणाम मिलने के योग बनते हैं।

पूजा प्रक्रिया

01

नाम-गोत्र संकल्प

आपके नाम और गोत्र के साथ शत्रु संहार, सुरक्षा और बाधा शांति का विशेष संकल्प।

02

मां काली का महा-अभिषेक एवं श्रृंगार

पावन गंगाजल, पंचामृत और लाल पुष्पों से मां काली का भव्य पूजन।

03

निशा काल महापूजा

महासप्तमी की महानिशा में मां कालरात्रि के बीज मंत्रों द्वारा विशेष तांत्रिक व वैदिक तंत्रोक्त पूजा।

04

काली मिर्च शत्रु संहार यज्ञ

काली मिर्च, शुद्ध घृत और हवन सामग्री से शत्रु बाधा शमन के लिए आहुतियां।

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✦ The Core Ritual

पूर्णाहुति एवं रक्षा कवच आरती

यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात मां काली से सर्व-बाधा मुक्ति की प्रार्थना और रक्षा संकल्प।

मंदिर विवरण

कालीघाट,शक्तिपीठ

कालीघाट,शक्तिपीठ

कोलकाता

देवी भागवत पुराण और तंत्रचूड़ामणि के अनुसार, कालीघाट वह पावन शक्तिपीठ है जहाँ माता सती के दाएँ पैर की उँगलियाँ गिरी थीं। इसे तांत्रिक ग्रंथों में 'कालीपीठ' कहा गया है। यहाँ अधिष्ठात्री देवी माँ 'दक्षिणा कालिका' के साथ उनके क्षेत्रपाल 'नकुलेश्वर महादेव' विराजमान हैं। तंत्र-शास्त्र के अनुसार, जहाँ शक्ति और भैरव एक साथ पूजित हों, वहाँ किया गया महा-अनुष्ठान शीघ्र फलदायी होता है। कालीघाट में माँ काली का स्वरूप अत्यंत जाग्रत है। उनकी तीन आँखें त्रिकाल-…

आपको क्या मिलेगा?

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कालीघाट शक्तिपीठ कोलकाता में संपन्न निशा काल काली महापूजा एवं काली मिर्च यज्ञ का वीडियो 48 घंटे के अंदर आपके WhatsApp पर भेजा जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब

यह शत्रु संहार काली मिर्च यज्ञ किसे कराना चाहिए?
क्या काली मिर्च यज्ञ से किसी का अहित होता है?
निशा काल (रात्रि) में पूजा का क्या महत्व है?
क्या मैं स्वयं उपस्थित हुए बिना इस पूजा का लाभ पा सकता हूं?
वेदा मंदिर द्वारा पूर्ण वैदिक विधान से होने वाली पूजाओं में शामिल हों, सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति प्राप्त करें।
निशा काल, कालरात्रि - काली महापूजा एवं शत्रु संहार काली मिर्च यज्ञ