मां काली, मां कामाख्या एवं मां वैष्णो देवी महापूजा
3 महातिथियों पर 3 महाशक्तियों की पूजा

मां काली, मां कामाख्या एवं मां वैष्णो देवी महापूजा

समृद्धि का आशीर्वाद और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा के लिए

कालीघाट, गुवाहाटी क्षेत्र एवं कटरा तीर्थ क्षेत्र कोलकाता, गुवाहाटी एवं कटरा
शनिवार, 17 अक्तूबर Auspicious Muhurat

This puja includes up to 2 family members at no extra cost.

Muhurat ends in Reserve your sankalp
00Days
00Hours
00Min
00Sec

पूजा का महत्व

तीन जाग्रत पीठों में पूजा का उद्देश्यगुप्त शत्रुओं, तंत्र-मंत्र, नजर दोष और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षातंत्र बाधा व शत्रुओं के षड़यंत्रों से रक्षा के लिएसुख, शांति, आरोग्य और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिएतीन महाशक्तियों के आशीर्वाद से संपूर्ण सुर…

पूजा के लाभ

मां काली की पूजा के लाभ

समस्त ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं का नाश, अकारण भय, तंत्र बाधाओं से मुक्ति व सफलता मिलती है।

मां कामाख्या की पूजन के लाभ

मां कामाख्या के पूजन से संतान सुख व आरोग्य की प्राप्ति होती है।

मां वैष्णों देवी की पूजा के लाभ

पापों से मुक्ति, सुख, शांति और समृद्धि मिलती है तथा दरिद्रता का नाश हो जाता है।

पूजा प्रक्रिया

01

संकल्प

आपके नाम-गोत्र से तीनों शक्तिपीठों में विशेष संकल्प।

02

प्रथम दिवस (महासप्तमी)

कालीघाट शक्तिपीठ में महाकाली का विधिवत पूजन।

03

द्वितीय दिवस (महाअष्टमी)

गुवाहाटी तीर्थ क्षेत्र में आद्यशक्ति मां कामाख्या की विधिविधान से पूजा।

04

तृतीय व अंतिम दिवस (महानवमी)

वैष्णो देवी तीर्थ क्षेत्र में सर्व-विघ्न निवारण, सुख-शांति व मनोकामना पूर्ति हेतु महा-अभिषेक, चंडी हवन एवं महाआरती।

05
✦ The Core Ritual

पूर्णाहुति व आशीर्वाद

तीनों पीठों के आचार्यों द्वारा अनुष्ठान की पूर्णाहुति कर परिवार के कल्याण हेतु आशीर्वाद प्रार्थना।

मंदिर विवरण

कालीघाट, गुवाहाटी क्षेत्र एवं कटरा तीर्थ क्षेत्र

कालीघाट, गुवाहाटी क्षेत्र एवं कटरा तीर्थ क्षेत्र

कोलकाता, गुवाहाटी एवं कटरा

कालीघाट: कोलकाता स्थित कालीघाट शक्तिपीठ में मां काली अपने प्रचंड और करुणामयी स्वरूप में विराजमान हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के पार्थिव शरीर का छेदन किया था, तब माता सती के दाएं पैर की अंगुलियां इसी पवित्र स्थान पर गिरी थीं। गुवाहाटी क्षेत्र: कामरूप क्षेत्र सनातन धर्म में ज्ञान, सिद्धि और तंत्र का सबसे बड़ा केंद्र है। 51 शक्तिपीठों में से एक सबसे प्राचीन और प्रमुख यह तीर्थस्थल मां कामाख्या की …

आपको क्या मिलेगा?

01

तीनों शक्तिपीठों में आपके नाम-गोत्र से संपन्न अनुष्ठान के वीडियो 48 घंटे के अंदर आपके WhatsApp पर भेजे जाएंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब

क्या यह पूजा तीनों मंदिरों में अलग-अलग दिन होगी?
क्या इस अनुष्ठान से नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से सुरक्षा मिलती है?
क्या परिवार के सभी सदस्यों का नाम इस पूजा में शामिल किया जा सकता है?
क्या मैं स्वयं उपस्थित हुए बिना तीनों धामों की पूजा का लाभ पा सकता हूं?
वेदा मंदिर द्वारा पूर्ण वैदिक विधान से होने वाली पूजाओं में शामिल हों, सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति प्राप्त करें।
मां काली, मां कामाख्या एवं मां वैष्णो देवी महापूजा