मां काली, मां कामाख्या एवं मां वैष्णो देवी महापूजा
समृद्धि का आशीर्वाद और नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा के लिए
This puja includes up to 2 family members at no extra cost.
पूजा का महत्व
पूजा के लाभ
मां काली की पूजा के लाभ
समस्त ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं का नाश, अकारण भय, तंत्र बाधाओं से मुक्ति व सफलता मिलती है।
मां कामाख्या की पूजन के लाभ
मां कामाख्या के पूजन से संतान सुख व आरोग्य की प्राप्ति होती है।
मां वैष्णों देवी की पूजा के लाभ
पापों से मुक्ति, सुख, शांति और समृद्धि मिलती है तथा दरिद्रता का नाश हो जाता है।
पूजा प्रक्रिया
संकल्प
आपके नाम-गोत्र से तीनों शक्तिपीठों में विशेष संकल्प।
प्रथम दिवस (महासप्तमी)
कालीघाट शक्तिपीठ में महाकाली का विधिवत पूजन।
द्वितीय दिवस (महाअष्टमी)
गुवाहाटी तीर्थ क्षेत्र में आद्यशक्ति मां कामाख्या की विधिविधान से पूजा।
तृतीय व अंतिम दिवस (महानवमी)
वैष्णो देवी तीर्थ क्षेत्र में सर्व-विघ्न निवारण, सुख-शांति व मनोकामना पूर्ति हेतु महा-अभिषेक, चंडी हवन एवं महाआरती।
पूर्णाहुति व आशीर्वाद
तीनों पीठों के आचार्यों द्वारा अनुष्ठान की पूर्णाहुति कर परिवार के कल्याण हेतु आशीर्वाद प्रार्थना।
मंदिर विवरण
कालीघाट, गुवाहाटी क्षेत्र एवं कटरा तीर्थ क्षेत्र
कालीघाट: कोलकाता स्थित कालीघाट शक्तिपीठ में मां काली अपने प्रचंड और करुणामयी स्वरूप में विराजमान हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के पार्थिव शरीर का छेदन किया था, तब माता सती के दाएं पैर की अंगुलियां इसी पवित्र स्थान पर गिरी थीं। गुवाहाटी क्षेत्र: कामरूप क्षेत्र सनातन धर्म में ज्ञान, सिद्धि और तंत्र का सबसे बड़ा केंद्र है। 51 शक्तिपीठों में से एक सबसे प्राचीन और प्रमुख यह तीर्थस्थल मां कामाख्या की …
आपको क्या मिलेगा?
तीनों शक्तिपीठों में आपके नाम-गोत्र से संपन्न अनुष्ठान के वीडियो 48 घंटे के अंदर आपके WhatsApp पर भेजे जाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब
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