एक ही पूजा से सभी नवग्रहों की शांति

भानु सप्तमी नवग्रह-सम्पुट एवं काल भैरव नवग्रह-शांति महायज्ञ

  • राहु दोष
  • शनि दोष
  • रक्षा एवं विघ्न निवारण
काल भैरव मंदिर, काशी
रविवार, 1 नवंबर
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पूजा का महत्व

इस अनुष्ठान का उद्देश्य

  • नवग्रहों के उग्र, नीच या अशुभ प्रभावों का शमन

  • सभी ग्रहों की महादशा व अंतर्दशा के क्रूर प्रभावों से मुक्ति

  • ग्रहों की अनुकूलता प्राप्त कर करियर, संपत्ति और व्यापार में निरंतर उन्नति

भानु सप्तमी (काल भैरव एवं नवग्रह) महामुहूर्त में पूजा का महत्व

ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार,रविवार के दिन पड़ने वाली सप्तमी तिथि को 'भानु सप्तमी' कहा जाता है, जो आत्मा के कारक और समस्त ग्रहों के राजा सूर्य देव की परम प्रिय तिथि है। मान्यता है कि सूर्य देव की परम तिथि होने के कारण सभी नौ ग्रहों की शांति और उनके शुभ फल के लिए यह भानु सप्तमी तिथि बहुत ही विशेष है। इस तिथि पर जब काशी में 'ग्रहों के नियंत्रक' भगवान काल भैरव के सानिध्य में नवग्रह-सम्पुट पाठ और नवग्रह-शांति महायज्ञ किया जाता है, तो कुंडली के उग्र से उग्र ग्रह-दोष भी शांत हो जाते हैं और जातक को नवग्रहों का शुभ फल प्राप्त होने लगता है।

नवग्रह-सम्पुट एवं काल भैरव ग्रह-शांति महायज्ञ की महिमा

वैदिक ज्योतिष में 'नवग्रह-सम्पुट' ग्रह शांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली है, जिसमें नवग्रह मंत्रों के साथ विशेष रक्षात्मक मंत्रों का सम्पुट लगाकर जाप और आहुतियां दी जाती हैं। मान्यता है कि सम्पुट लगाने से मंत्र की ऊर्जा बिखरती नहीं है और वह सीधे साधक की कुंडली के पीड़ित ग्रहों पर सकारात्मक प्रभाव डालती है।
काल भैरव नवग्रह-शांति महायज्ञ भगवान शिव के रौद्र और संरक्षक स्वरूप भगवान काल भैरव को समर्पित एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है। मान्यता है कि भगवान काल भैरव समय और ग्रहों की गति के नियंत्रक हैं। जब काल भैरव के परम धाम में यह महायज्ञ संपन्न होता है, तो जातक की कुंडली में राहु-केतु, शनि जैसे क्रूर ग्रहों के बुरे प्रभाव समाप्त हो जाते हैं और जीवन में संतुलन आता है।

काल भैरव क्यों हैं नवग्रहों के नियंता?

भगवान काल भैरव भगवान शिव के पांचवें और सबसे उग्र रुद्रावतारों में से एक हैं। पौराणिक मान्यता है कि जब ब्रह्मांड में नौ ग्रहों की चाल बिगड़ने से राहु-केतु का क्रूर प्रभाव बढ़ने लगे। ग्रहों के क्रूर प्रभाव से परेशान होकर देवता भगवान शिव की शरण में पहुंचे। महादेव के आदेश पर नवग्रहों को नियंत्रित करने और देवताओं को संकट से बचाने के लिए भगवान शिव के रौद्र रूप भगवान काल भैरव प्रकट हुए। काल भैरव की हुंकार और उनके प्रचंड वेग को देखकर शनि देव सहित सभी नवग्रहों ने उनके चरणों में आत्मसमर्पण कर दिया और वचन दिया कि जो भी भक्त बाबा भैरव की शरण में आएगा, उसे ग्रहीय पीड़ा और बुरी नजर से सदा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। तभी से भगवान काल भैरव को नवग्रहों का नियंता माना जाता है।

पूजा के लाभ

1

समस्त 9 ग्रहों के दोषों से मुक्ति

सूर्य, शनि, राहु-केतु सहित सभी ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति और महादशा के कष्ट दूर होते हैं।

2

करियर व व्यापार में सफलता

नवग्रहों के शांत होने से काम में आ रही रुकावटें खत्म होती हैं, धन आगमन के मार्ग खुलते हैं और व्यापार में स्थिरता आती है।

3

मानसिक शांति व उत्तम स्वास्थ्य

भय, चिंता, मानसिक क्लेश और असाध्य शारीरिक कष्टों में सुधार होता है। ग्रह-क्लेश समाप्त होकर घर में सुख, शांति और मांगलिक कार्यों के योग बनते हैं।

पूजा प्रक्रिया

1

नाम-गोत्र संकल्प

आपके नाम-गोत्र से समस्त 9 ग्रहों की शांति के लिए विशेष संकल्प।

2

गणपति व भैरव आवाहन

सर्वविघ्नहर्ता श्री गणेश पूजन, कलश स्थापना और काशी के कोतवाल भगवान काल भैरव का विशेष आवाहन।

3

नवग्रह-सम्पुट पाठ एवं जाप

आचार्यों द्वारा नवग्रहों के वैदिक एवं बीज मंत्रों का सम्पुट लगाकर सस्वर पाठ व जाप।

4
✦ The Core Ritual

ग्रह-शांति महायज्ञ व पूर्णाहुति

नवग्रह समिधा, विशेष औषधियों और हवन सामग्रियों से महायज्ञ में आहुतियां एवं महाआरती।

आपको क्या मिलेगा?

पूजन का पूरा स्पष्ट वीडियो 48 घंटे के भीतर आपके WhatsApp पर भेज दिया जाएगा।

मंदिर विवरण

काल भैरव मंदिर

काशी
बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के बिशेश्वरगंज क्षेत्र में स्थित काल भैरव मंदिर विश्व का अत्यंत प्राचीन और जाग्रत तंत्र-वैदिक पीठ है। यहां बाबा काल भैरव अपने भव्य रूप में विराजमान हैं। मान्यता है कि स्वयं भगवान शिव ने काल भैरव को काशी में स्थान दिया था और नगर का कोतवाल नियुक्त किया था। शास्त्रों के अनुसार, नवग्रह काल भैरव के आदेश से ही अपनी गति और फल प्रदान करते हैं, इसीलिए यहां पर नवग्रह शांति के लिए गया कोई भी अनुष्ठान निष्फल नहीं जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब

Family Puja

घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।

ल
ललिता देवी
प्रयागराज
Verified
Private Puja

विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।

स
सुजाता डलास
शिकागो
Verified
Individual

What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.

र
रमेश कुमार
बेंगलुरु
Verified

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ल

ललिता देवी

घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।

5.0
स

सुजाता डलास

विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।

5.0
र

रमेश कुमार

What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.

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पूजा सम्पन्न होने के 48 घंटे के भीतर पूजा का वीडियो आपके व्हाट्सऐप पर भेज दिया जाएगा।

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