घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।
मंगलवार विशेष
मांगलिक दोष निवारण भात पूजा एवं श्री मंगलनाथ महाअभिषेक
You won't be charged yet
पूजा का महत्व
इस अनुष्ठान का उद्देश्य
जन्मकुंडली में स्थित मांगलिक दोष के दुष्प्रभावों के पूर्ण शमन के लिए
विवाह में आ रही अकारण देरी व बाधाओं को दूर करने के लिए
वैवाहिक जीवन में तनाव व क्लेश से मुक्ति के लिए
मंगल देव की जन्मभूमि पर मंगलवार को इस पूजा का महत्व
वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के सेनापति भगवान मंगल देव को मंगलवार का स्वामी माना गया है। मान्यता है कि अत्यंत उग्र स्वभाव वाले मंगलदेव की पूजा जब उनके स्वामित्व वाले दिन की जाती है, तो भयंकर से भयंकर मांगलिक दोष शांत हो जाते हैं। कहते हैं कि जब मंगलदेव की जन्मभूमि में उनका विशेष भात पूजन (पके हुए ठंडे चावलों से श्रृंगार/अभिषेक) किया जाए, तो मंगल देव शांत होकर जातक की कुंडली से अपने सभी उग्र प्रभाव दूर कर देते हैं।
मंगलनाथ मंदिर और मंगल देव की महिमा
पौराणिक कथा स्कंद पुराण के 'अवंती खंड' के अनुसार, प्राचीन काल में अंधकासुर नाम के दैत्य ने शिवजी से वरदान पाकर तीनों लोकों में हाहाकार मचा दिया था। जब अंधकासुर के अत्याचार बहुत बढ़ गए, तब स्वयं भगवान शिव ने उससे युद्ध किया। युद्ध के दौरान महादेव के शरीर से पसीने की एक बूंद उज्जैन की इस पावन भूमि पर गिरी। उस बूंद से पृथ्वी माता के गर्भ से लाल वर्ण वाले दिव्य बालक का जन्म हुआ, जिन्हें 'मंगल देव' कहा गया।
मंगल देव ने जन्म लेते ही अंधकासुर के रक्त को सोख लिया, जिसके बाद भगवान शिव ने उस दैत्य का वध किया। चूंकि मंगल देव का जन्म महादेव के तेज और पृथ्वी के गर्भ से हुआ था, इसलिए उन्हें 'भौम' भी कहा जाता है। उज्जैन का यह स्थान संपूर्ण ब्रह्मांड में मंगल देव की एकमात्र प्राकट्य स्थली है। यहां मंगल देव शिवलिंग रूप में साक्षात विराजमान हैं। मान्यता है कि यहां भात पूजा से मंगल देव का ताप शांत होता है और भक्तों को मांगलिक दोष से मुक्ति मिलती है।
पूजा के लाभ
मांगलिक दोष से मुक्ति
मंगल के पीड़ित या उग्र होने की वजह से कुंडली में स्थित मांगलिक दोष से मुक्ति मिलती है।
विवाह में आ रही बाधाओं का शमन
विवाह का कारक मंगल ग्रह के शांत होने पर विवाह में आ रही अड़चनें समाप्त होती हैं, शीघ्र विवाह के योग बनते हैं ।
वैवाहिक जीवन में सुख-शांति
आपसी विवाद शांत होते हैं, दाम्पत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है।
पूजा प्रक्रिया
नाम-गोत्र संकल्प
मांगलिक दोष निवारण हेतु विशेष नाम-गोत्र संकल्प।
गणपति व नवग्रह आवाहन:
सर्वविघ्नहर्ता श्री गणेश, माता पार्वती और नवग्रहों का विधिवत पूजन व कलश स्थापना।
श्री मंगलनाथ महाअभिषेक
पंचामृत, दूध, दही, गुलाल और लाल फूलों से मंगलनाथ शिवलिंग का सस्वर वेद मंत्रों के साथ विशेष रुद्राभिषेक।
विशेष भात पूजा (चावल से श्रृंगार)
उग्रता शांत करने हेतु पके हुए चावल से मंगल देव का दिव्य भात श्रृंगार एवं पूजन।
मंगल शांति मंत्र जाप व महाहवन
वैदिक आचार्यों द्वारा मंगल देव के मूल मंत्रों का जाप, लाल समिधा व जड़ी-बूटियों से महायज्ञ, पूर्णाहुति एवं आरती।
आपको क्या मिलेगा?
अनुष्ठान पूर्ण होने के 48 घंटे के भीतर पूजा का विशेष वीडियो, नाम-गोत्र संकल्प वीडियो आपके WhatsApp पर भेज दिया जाएगा।
मंदिर विवरण
श्री मंगलनाथ महादेव मंदिर
Puja Gallery
विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।
What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.


