11,000 संतान गोपाल मंत्र जाप एवं महा-पुत्रकामेष्टि यज्ञ

  • पारिवारिक सुख-शांति
  • धन एवं समृद्धि
  • संतान प्राप्ति
संतान वेणुगोपाल मंदिर, तिरुपति
गुरुवार, 5 नवंबर
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पूजा का महत्व

इस अनुष्ठान का उद्देश्य


  • संतान हीन दंपत्तियों के लिए योग्य, तेजस्वी और संस्कारी संतान की प्राप्ति


  • वंश परंपरा को आगे बढ़ाने तथा संतान संबंधी सभी कुंडली दोषों व पितृ बाधाओं का अंत


  • 11,000 वैदिक संतान गोपाल मंत्र जाप से गर्भाधान व संतान उत्पत्ति की बाधाओं का नाश


  • रामायणकालीन अमोघ 'पुत्रकामेष्टि यज्ञ' द्वारा दिव्य संतानों का वरदान प्राप्त करना


रामायण का अमर रहस्य: राजा दशरथ का पुत्रकामेष्टि यज्ञ


सनातन धर्म में संतान प्राप्ति के लिए 'पुत्रकामेष्टि यज्ञ' को सबसे पहला, प्रामाणिक और अमोघ अनुष्ठान माना गया है। रामायण काल में जब अयोध्या नरेश महाराजा दशरथ को कोई संतान प्राप्त नहीं हो रही थी और उनका वंश संकट में था, तब महर्षि वशिष्ठ की आज्ञा से महर्षि श्रृंगी ने पावन 'पुत्रकामेष्टि यज्ञ' संपन्न करवाया था। इस दिव्य यज्ञ की आहुतियों से प्रकट हुए चरु (हविष्य) के प्रभाव से प्रभु श्री राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। यह यज्ञ आज भी निसंतान दंपत्तियों के लिए वरदान स्वरूप माना जाता है।


वासुदेव-देवकी और बाल-कृष्ण लीला: संतान गोपाल मंत्र की महिमा

कंस के अत्याचारों के बीच जब देवकी और वासुदेव जी की संतानों का हरण हो रहा था, तब वासुदेव जी ने खुद सबसे पहली बार संतान गोपाल पाठ किया था, जिससे प्रसन्न होकर स्वयं भगवान विष्णु ने बाल-रूप में प्रकट होकर उन्हें संतान के लिए आश्वस्त किया था। मान्यता है कि जिस प्रकार देवकी और वासुदेव जी को साक्षात श्री हरि बाल-कृष्ण रूप में प्राप्त हुए, उसी प्रकार संतान गोपाल मंत्र के जप से हर भक्त के घर योग्य संतान का आगमन होता है।



ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते।


देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥


अर्थ: हे देवकीपुत्र, हे गोविंद, हे वासुदेव, हे संसार के स्वामी कृष्ण! मुझे पुत्र (संतान) प्रदान कीजिए, मैं आपकी शरण में आया हूं।


तिरुपति क्षेत्र में पूजन एवं रमा एकादशी का विशेष महत्व


साक्षात बैकुंठ स्वरूप: तिरुपति क्षेत्र को धरती पर भगवान विष्णु का जाग्रत बैकुंठ धाम माना गया है। यहां की गई हर विष्णु-कृष्ण पूजा सीधे भगवान श्री हरि और मां लक्ष्मी स्वीकार करते हैं।


रमा एकादशी का पावन योग: रमा एकादशी मां लक्ष्मी (रमा) का विशेष रूप से प्रिय दिन है, जबकि भगवान विष्णु को सभी एकादशी प्रिय हैं। इसलिए इस दिन लिया गया संकल्प मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का संयुक्त आशीर्वाद दिलाता है।


विष्णु-कृपा से संतान योग: भगवान विष्णु ही संपूर्ण ब्रह्मांड के पालनहार हैं। तिरुपति की पवित्र भूमि पर उनका पूजन संतान हीनता के बड़े से बड़े प्रारब्ध को काट देता है।


पूजा के लाभ

1

संतान सुख की प्राप्ति

संतान हीनता के योग समाप्त होने और सूनी गोद भरने का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है।

2

11,000 संतान गोपाल जाप का प्रभाव

भगवान श्रीकृष्ण के बाल-रूप के बीज मंत्रों से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है जो संतान उत्पत्ति की बाधाओं को दूर करता है।

3

पुत्रकामेष्टि यज्ञ से अमोघ फल

वैदिक विधि से किए जाने वाले इस महायज्ञ से उत्तम, स्वास्थ्य और तेजस्वी संतान की प्राप्ति की मान्यता है।

4

गर्भ-रक्षा व अकाल बाधाओं से सुरक्षा

गर्भवती माताओं के गर्भ की रक्षा होती है और संतान के आरोग्य का वरदान मिलता है।

पूजा प्रक्रिया

1

व्यक्तिगत नाम-गोत्र संकल्प

वैदिक आचार्यों द्वारा दंपति के नाम, गोत्र और संतान प्राप्ति की विशेष मनोकामना का उच्चारण कर संकल्प।

2

श्री संतान वेणुगोपाल स्वामी पूजन

माखन-मिश्री व पीले पुष्पों से बाल-गोपाल का षोडशोपचार पूजन व अभिषेक।

3

11,000 संतान गोपाल मंत्र जाप

सिद्ध ब्राह्मणों द्वारा वेदोक्त विधि से 11,000 संतान गोपाल बीज मंत्रों का अखंड जाप।

4

वैदिक पुत्रकामेष्टि महायज्ञ

जाप उपरांत शमी, आम की समिधा, गाय के शुद्ध घृत, पंचमेवा व चरु सामग्री से पुत्रकामेष्टि हवन कुंड में आहुतियां।

5
✦ The Core Ritual

गोपाल महाआरती व मक्खन-मिश्री भोग

आरती के बाद बाल-कृष्ण को माखन-मिश्री का भोग अर्पण कर संतान वरदान की प्रार्थना।

आपको क्या मिलेगा?

पूजा पूर्ण होने के 48 घंटे के भीतर आपके नाम-गोत्र संकल्प सहित पूजन का वीडियो आपके WhatsApp पर भेजा जाएगा।

मंदिर विवरण

संतान वेणुगोपाल मंदिर

तिरुपति
भगवान वेंकटेश्वर की परम पावन धरा तिरुपति में स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर विशेष रूप से केवल संतान प्राप्ति की मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए ही निर्मित किया गया था। इस सिद्ध मंदिर के गर्भगृह में साक्षात भगवान श्री कृष्ण 'संतान वेणुगोपाल' के रूप में विराजमान हैं, जिनके एक हाथ में माखन का कटोरा और दूसरे हाथ में बांसुरी है। मान्यता है कि जिनकी गोद वर्षों से सूनी है, वे भगवान कृष्ण के संतान गोपाल रूप की आराधना करें, तो भगवान वेणुगोपाल उन्हें बाल-रूप में सुंद…

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब

Family Puja

घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।

ल
ललिता देवी
प्रयागराज
Verified
Private Puja

विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।

स
सुजाता डलास
शिकागो
Verified
Individual

What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.

र
रमेश कुमार
बेंगलुरु
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ल

ललिता देवी

घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।

5.0
स

सुजाता डलास

विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।

5.0
र

रमेश कुमार

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वेदा मंदिर द्वारा पूर्ण वैदिक विधान से होने वाली पूजाओं में शामिल हों, सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति प्राप्त करें।
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पूजा सम्पन्न होने के 48 घंटे के भीतर पूजा का वीडियो आपके व्हाट्सऐप पर भेज दिया जाएगा।

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