घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।
शत्रु नाशक एवं सुरक्षा महायज्ञ
शनि, हनुमान एवं मां महाकाली संपूर्ण शत्रु नाशक व सुरक्षा महायज्ञ
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पूजा का महत्व
इस महायज्ञ का उद्देश्य
· तंत्र-मंत्र, बुरी नजर और प्रेत-बाधा का विनाश करने में मदद करता है।
· मां महाकाली के आशीर्वाद से सभी शत्रुओं और उनके सभी षड्यंत्रों का पूरी तरह नाश होता है।
· शनिदेव और बजरंग बली की कृपा से पूरे परिवार को भय, कष्ट और संकटों से संपूर्ण सुरक्षा प्राप्त होती है।
महामुहूर्त में इस पूजा का महत्व
मां महाकाली के उग्र व रक्षक स्वरूप और न्याय के देवता भगवान शनिदेव को समर्पित है। यह मुहूर्त शत्रु-बाधा और शनि-दोष की शांति के लिए भी अत्यंत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि, इस विशेष तिथि और मुहूर्त पर की गई साधना से शत्रुओं, भय, तंत्र-बाधा, बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों का जड़ से नाश हो जाता है। इस तिथि पर मां काली, शनिदेव और संकटमोचन हनुमान की एक साथ पूजा कराने से साधक के सारे कष्ट मिट जाते हैं और परिवार को सुरक्षा प्राप्त होती है।
मां महाकाली, शनिदेव व संकटमोचन हनुमान की महिमा
मां महाकाली दसमहाविद्याओं में प्रथम और काल पर विजय दिलाने वाली परम संहारक शक्ति हैं। जब रक्तबीज जैसे दैत्य के रक्त की एक-एक बूंद से असंख्य राक्षस जन्म ले रहे थे और देवता भी पराजित हो रहे थे, तब मां महाकाली अपने विकराल रूप में प्रकट हुईं और अपने खप्पर में उसका सारा रक्त धारण कर उसका संहार किया। मान्यता है कि कालीघाट वही पावन पीठ है जहां मां का साक्षात वास है। जो भी भक्त यहां सच्चे मन से मां का ध्यान करता है, मां उसके शत्रुओं और नकारात्मक शक्तियों का जड़ से नाश कर देती हैं।
शनिदेव कर्मफलदाता और सर्वोच्च दण्डनायक हैं। शनिदेव अन्यायी शत्रुओं और षड्यंत्रकारियों को उनके बुरे कर्मों का तुरंत दंड देते हैं। पुराणों के अनुसार, जब अहंकारी रावण ने नवग्रहों को बंदी बना लिया था, तब शनिदेव को भी लंका में उल्टा लटका दिया था। जब महावीर हनुमान जी ने लंका दहन के समय शनिदेव को मुक्त कराया था, तब शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की शरण में आएगा, उसे शनि पीड़ा कभी नहीं सताएगी।
संकटमोचन हनुमान, 11वें रुद्रावतार और सभी कष्टों के हर्ता हैं। यहां तक कि स्वयं भगवान श्री हरि विष्णु के रामावतार के कष्टों के निवारण में महावीर हनुमान सबसे आगे रहे हैं। चाहें माता सीता का पता लगाना हो या भाई लक्ष्मण के प्राण बचाना, प्रभु श्रीराम के सभी संकटों को बजरंग बली ने हरा था। मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा से सभी कष्टों का निवारण हो जाता है।
"नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा।"
अर्थात, जो व्यक्ति निरंतर हनुमान जी के नाम का स्मरण करता है, उसके सभी रोग, शोक, भूत-प्रेत की बाधाएं और मानसिक तनाव तुरंत दूर हो जाते हैं।
कालीघाट शक्तिपीठ का दिव्य इतिहास:
सनातन परंपरा में कोलकाता स्थित कालीघाट मंदिर 51 पवित्र शक्तिपीठों में सबसे प्रमुख और सिद्ध पीठों में से एक माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से मां सती के देह का छेदन किया था, तब यहां मां सती के बाएं पैर की उंगलियां (अंगपात) गिरी थीं। यहां मां महाकाली अपने अति-जाग्रत और वात्सल्य स्वरूप में विराजमान हैं। यह विश्व का ऐसा अलौकिक दरबार है जहां देश-विदेश से आने वाले भक्तों के सारे संकट दूर होते हैं।
पूजा के लाभ
नकारात्मक ऊर्जा व टोने-टोटके से मुक्ति
माना जाता है, कालीघाट शक्तिपीठ में की गई त्रि-शक्ति पूजा से घर-परिवार और व्यापार पर फैली नाकारात्मक शक्ति, नजर दोष, टोना-टोटका और भूत-प्रेत बाधा का पूरी तरह सफाया हो जाता है।
शत्रु बाधा व मुकदमों में विजय
शास्त्रों के अनुसार, जब मां महाकाली और दण्डनायक शनिदेव एक साथ कृपा करते हैं, तो विरोधियों के षड्यंत्र, ईर्ष्या, व्यापारिक शत्रुता और कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय प्राप्त होती है। संकटमोचन हनुमान और शनिदेव की संयुक्त कृपा से साढ़ेसाती, ढैय्या, अकारण भय, दुर्घटनाओं और अचानक आने वाली विपत्तियों से सुरक्षा मिलती है।
परिवार के लिए सुरक्षा घेरा
तीनों उग्र व रक्षक शक्तियों के एक साथ आवाह्न से जातक के घर के चारों ओर एक ऐसा रक्षा घेरा बनता है, जिसे कोई भी नकारात्मक शक्ति भेद नहीं सकती।
पूजा प्रक्रिया
नाम-गोत्र संकल्प
आचार्यों द्वारा आपके नाम-गोत्र के साथ वेदोक्त महासंकल्प।
मां महाकाली, शनिदेव और बजरंगबली हनुमान आवाह्न
कालीघाट शक्तिपीठ में मां महाकाली, शनिदेव और संकटमोचन हनुमान की विधिवत स्थापना की जाएगी।
शत्रु नाशक एवं सुरक्षा मंत्र जाप
शक्तिपीठ में मां महाकाली के सिद्ध मंत्र, शनिदेव के बीज मंत्र और बजरंग बाण का पाठ किया जाएगा।
महायज्ञ व आरती
पवित्र हवन कुंड में विशेष आहुतियां देकर सर्व-बाधा भस्म महायज्ञ, पूर्णाहुति एवं महाआरती के साथ अनुष्ठान को संपन्न किया जाएगा।
आपको क्या मिलेगा?
आपके नाम-गोत्र से संपन्न पूजा का वीडियो 48 घंटे के अंदर आपके WhatsApp पर भेजा जाएगा।
मंदिर विवरण
कालीघाट,शक्तिपीठ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब
Puja Gallery
विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।
What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.


