7,000 मंगल ग्रह शांति मंत्र जाप एवं हनुमान सुरक्षा महा-हवन

  • पारिवारिक सुख-शांति
  • सुखी दांपत्य जीवन
  • एंग्जायटी दूर होने
श्री मंगलनाथ महादेव मंदिर, उज्जैन, म.प्र.
मंगलवार, 3 नवंबर
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पूजा का महत्व

इस अनुष्ठान का उद्देश्य

  • जीवन में पसरी नकारात्मकता व बुरी नजर से मुक्ति की कामना के लिए

  • कुंडली में मंगल दोष व मंगल-राहु/केतु की युति के दुष्प्रभावों का शमन

  • संकटमोचन की कृपा से सभी कष्टों का निवारण व अदृश्य बाधाओं का अंत

  • भाई-भाई के बीच जमीनी विवादों से मुक्ति का आशीर्वाद

मंगलवार को मंगलदेव और उनके इष्ट बजरंगवली के पूजन का महत्व 

वैदिक ज्योतिष में मंगलवार का दिन ग्रहों के सेनापति भगवान मंगल देव और उनके इष्ट संकटमोचन हनुमान को समर्पित है। मान्यता है कि अत्यंत उग्र स्वभाव वाले मंगलदेव की पूजा जब उनके इष्ट बजरंगबली के साथ मंगलवार को की जाती है, तो कुंडली में स्थित मंगल दोष शांत हो जाते हैं और बजरंगबली की कृपा से जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का भी शमन होता है। शास्त्रों के अनुसार, जब 7,000 बार मंगल ग्रह शांति मंत्र का जाप किया जाता है, तो कुंडली में कमजोर या उग्र मंगल की ऊर्जा संतुलित होकर मंगल दोष के नकारात्मक प्रभावों को शांत कर देती है। वहीं, हनुमान सुरक्षा महा-हवन की अग्नि और विशेष मंत्रोच्चार से निकलने वाली तरंगें सभी नकारात्मक ऊर्जाओं को नष्ट कर देती हैं।

मंगलनाथ मंदिर और मंगल देव की महिमा 

पौराणिक कथा स्कंद पुराण के 'अवंती खंड' के अनुसार, प्राचीन काल में अंधकासुर नाम के दैत्य ने शिवजी से वरदान पाकर तीनों लोकों में हाहाकार मचा दिया था। जब अंधकासुर के अत्याचार बहुत बढ़ गए, तब स्वयं भगवान शिव ने उससे युद्ध किया। युद्ध के दौरान महादेव के शरीर से पसीने की एक बूंद उज्जैन की इस पावन भूमि पर गिरी। उस बूंद से पृथ्वी माता के गर्भ से लाल वर्ण वाले दिव्य बालक का जन्म हुआ, जिन्हें 'मंगल देव' कहा गया।

मंगल देव ने जन्म लेते ही अंधकासुर के रक्त को सोख लिया, जिसके बाद भगवान शिव ने उस दैत्य का वध किया। चूंकि मंगल देव का जन्म महादेव के तेज और पृथ्वी के गर्भ से हुआ था, इसलिए उन्हें 'भौम' भी कहा जाता है। इसीलिए उन्हें भूमि, मकान और प्रॉपर्टी पर सीधा अधिकार मंगल देव का माना जाता है। अगर कुंडली में मंगल नीच हो तो परिवार में जमीनी विवाद देखने को मिलते हैं। इसलिए पुराणों के मुताबिक जमीनी विवादों से परेशान होने पर मंगल ग्रह की शांति करानी चाहिए। मान्यता है कि मंगल देव की जन्मस्थली उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में 7,000 बार मंगल ग्रह शांति मंत्र का जाप कराने से मंगल दोष से पूर्ण मुक्ति मिलती है।

संकटमोचन हनुमान की महिमा

भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार संकटमोचन हनुमान कलयुग के सबसे जाग्रत और शक्तिशाली देवता हैं। मान्यता है कि इनके नाम  मात्र से ही बड़ी से बड़ी नकारात्मक शक्तियां तुरंत भाग खड़ी होती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रामायण युद्ध के दौरान जब अहिरावण नकारात्मक शक्तियों और अपनी तांत्रिक माया से भगवान राम और लक्ष्मण का अपहरण कर पाताल लोक ले गया था, तो हनुमान जी ने पंचमुखी रूप धारण कर अहिरावण की बुरी शक्तियों का अंत कर भगवान राम और लक्ष्मण को उसके बंधन से मुक्त कराया था। मान्यता है कि जैसे भगवान राम और लक्ष्मण को हनुमान जी ने अहिरावण की नकारात्मक शक्तियों से रक्षा की थी , उसी प्रकार हनुमान सुरक्षा महा-हवन कराने से जीवन में पसरी नकारातमकता का नाश हो जाता है और बजरंगबली बुरी शक्तियों से जातक की रक्षा करते है।


पूजा के लाभ

1

सुरक्षा कवच

हनुमान सुरक्षा महा-हवन से बुरी नजर, तंत्र-मंत्र, प्रेत-बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से परिवार की रक्षा।

2

मंगल दोष से मुक्ति

मंगल के पीड़ित या उग्र होने की वजह से कुंडली में स्थित मंगल दोष से मुक्ति मिलती है। जमीनी विवादों, भाई-भाई के झगड़ों से मुक्ति मिलने की मान्यता

3

नकारात्मक ऊर्जा का शमन

संकटमोचन हनुमान की कृपा से जीवन में पसरी नकारात्मक ऊर्जाओं व अदृश्य बाधाओं का शमन।

पूजा प्रक्रिया

1

नाम-गोत्र संकल्प

नकारात्मक ऊर्जा एवं मांगलिक दोष निवारण हेतु विशेष नाम-गोत्र संकल्प।

2

गणपति व नवग्रह आवाहन

सर्वविघ्नहर्ता श्री गणेश, माता पार्वती हनुमान और नवग्रहों का विधिवत पूजन व कलश स्थापना।

3

7,000 मंगल ग्रह शांति मंत्र जाप

विद्वान आचार्यों द्वारा मंगल देव के सिद्ध बीज मंत्रों का 7,000 बार शुद्ध सस्वर जाप।

4
✦ The Core Ritual

हनुमान सुरक्षा महा-हवन व आरती

हनुमान जी के विशेष रक्षा मंत्रों और हवन सामग्रियों से महायज्ञ में आहुतियां, पूर्णाहुति एवं महाआरती।

आपको क्या मिलेगा?

पूजा का पूरा वीडियो 48 घंटे के भीतर आपके WhatsApp पर भेज दिया जाएगा।

मंदिर विवरण

श्री मंगलनाथ महादेव मंदिर

श्री मंगलनाथ महादेव मंदिर

उज्जैन, म.प्र.
मध्य प्रदेश की पावन नगरी अवंतिका अर्थात उज्जैन, शिप्रा नदी के तट पर स्थित श्री मंगलनाथ महादेव मंदिर भगवान शिव के उन दिव्य धामों में माना जाता है, जहाँ मंगल ग्रह की जन्मभूमि होने की पौराणिक मान्यता जुड़ी हुई है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय भगवान शिव के शरीर से निकली दिव्य ऊर्जा और पृथ्वी के संयोग से एक तेजस्वी बालक का प्राकट्य हुआ। यही बालक आगे चलकर मंगल देव के रूप में प्रसिद्ध हुए। मंगल देव ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की और उनकी आराधना से प्रसन…

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब

Family Puja

घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।

ल
ललिता देवी
प्रयागराज
Verified
Private Puja

विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।

स
सुजाता डलास
शिकागो
Verified
Individual

What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.

र
रमेश कुमार
बेंगलुरु
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ल

ललिता देवी

घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।

5.0
स

सुजाता डलास

विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।

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रमेश कुमार

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