हनुमान जयंती-शनिवार महासंयोग

23,000 शनि मूल मंत्र जाप, शनि तिल तेलाभिषेक एवं 1008 संकटमोचन हनुमान अष्टक पाठ

  • शनि दोष
  • नवग्रह शांति
श्री नवग्रह शनि मंदिर, उज्जैन
शनिवार, 7 नवंबर
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पूजा का महत्व

इस अनुष्ठान का उद्देश्य

  • शनि देव की साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि की महादशा-अंतर्दशा के दुष्प्रभावों का स्थायी शमन


  • 1008 संकटमोचन हनुमान अष्टक पाठ द्वारा जीवन के अकारण संकटों, बाधाओं से सुरक्षा


  • व्यापारिक मंदी, कर्ज के चक्रव्यूह, नौकरी में अकारण रुकावटों और मानसिक अवसाद से मुक्ति


शनिवार + हनुमान जयंती: शनि शांति का सबसे अचूक महासंयोग


सनातन परंपरा में शनिवार का दिन न्यायप्रिय शनिदेव को समर्पित है, और जब इसी दिन हनुमान जयंती की तिथि पड़ती है, तो यह शनि ग्रह बाधा शांति के लिए सबसे दुर्लभ महासंयोगों में से एक बन जाता है।


शास्त्रों और पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब बजरंगबली ने शनि देव को रावण की कैद से मुक्त कराया, तब शनिदेव ने स्वयं श्री हनुमान जी को वचन दिया था- ‘जो भी भक्त बजरंगबली की शरण में रहेगा, उस पर मेरी क्रूर दृष्टि कभी नहीं पड़ेगी।’


यही कारण है कि जब शनिवार को हनुमान जी का पूजन किया जाता है, तो शनिदेव अत्यंत प्रसन्न होकर जातक के सारे कष्ट हर लेते हैं।


23,000 शनि मंत्र और 1008 हनुमान अष्टक का संयुक्त प्रभाव

जब उज्जैन की सिद्ध भूमि पर आचार्यों द्वारा 23,000 शनि मूल मंत्रों का जाप और 1008 बार संकटमोचन हनुमान अष्टक का पाठ एक साथ किया जाता है, तो शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का तीखापन तुरंत शांत हो जाता है। बजरंगबली का सुरक्षा कवच शनिदेव की क्रूर दृष्टि को कल्याणकारी आशीर्वाद में बदल देता है।


नवग्रह शनि मंदिर का इतिहास

अवंतिका नगरी (उज्जैन) में क्षिप्रा और गंडकी के पावन त्रिवेणी संगम पर स्थित यह मंदिर 2075 वर्ष पुराना अति-सिद्ध धाम है:


  • सम्राट विक्रमादित्य की कथा: पौराणिक कथा के अनुसार, जब राजा विक्रमादित्य पर शनि की साढ़ेसाती आई, तो उन्हें भारी कष्ट सहने पड़े। तब उन्होंने इस त्रिवेणी संगम पर शनिदेव की कठोर तपस्या की और शिवलिंग रूप में उनकी स्थापना की। शनिदेव ने प्रसन्न होकर उन्हें संकटों से मुक्त किया और राज्य दोबारा लौटाया।


  • शिव-रूप में शनिदेव: राजा विक्रमादित्य ने यहां शनिदेव की स्थापना सामान्य रूप में नहीं, बल्कि 'शिवलिंग' स्वरूप में की। महाकाल क्षेत्र में शिव-रूप शनिदेव का तिल तेलाभिषेक करने से बड़े से बड़े ग्रह दोषों का प्रभाव समाप्त होने की मान्यता है।

पूजा के लाभ

1

साढ़ेसाती एवं ढैय्या से तत्काल राहत

23,000 शनि मूल मंत्रों के जाप और तिल तेलाभिषेक से शनि की क्रूर दृष्टि शांत होती है।

2

1008 हनुमान अष्टक से संकटों का नाश

दुर्घटना के योग, अज्ञात भय, कार्य बाधा और विरोधियों की चालें तुरंत निष्प्रभावी होती हैं।

3

व्यापार व आजीविका में स्थिरता

आजीविका में आ रही रुकावटें दूर होती हैं, फंसा हुआ धन वापस मिलता है और नए अवसर प्राप्त होते हैं।

पूजा प्रक्रिया

1

नाम-गोत्र संकल्प

वैदिक आचार्यों द्वारा आपके और आपके परिवार के नाम व गोत्र से संकट-मुक्ति का संकल्प।

2

शिवलिंग रूपी शनिदेव का तेलाभिषेक

त्रिवेणी संगम स्थित शनिदेव के दिव्य स्वरूप का तिल के तेल से विधिपूर्वक महा-अभिषेक।

3

23,000 शनि मूल मंत्र जाप

विद्वान आचार्यों द्वारा शास्त्रीय विधि से 23,000 शनि मूल मंत्रों का भक्तिभाव से जाप।

4

1008 संकटमोचन हनुमान अष्टक पाठ

श्री हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक प्रज्वलित कर 1008 बार सस्वर हनुमान अष्टक का पाठ।

5
✦ The Core Ritual

नवग्रह हवन व महाआरती

जाप उपरांत नवग्रह हवन कुंड में आहुतियां समर्पित कर महाआरती संपन्न की जाएगी।

आपको क्या मिलेगा?

अनुष्ठान का प्रामाणिक वीडियो 48 घंटे के भीतर आपके WhatsApp पर भेजा जाएगा।

मंदिर विवरण

श्री नवग्रह शनि मंदिर

उज्जैन
मध्य प्रदेश की पवित्र धार्मिक नगरी उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित यह नवग्रह शनि मंदिर अति-प्राचीन और ऐतिहासिक सिद्ध पीठ है। यह वहीं स्थान है, जहां शनिदेव स्वयं नवग्रहों के साथ विराजमान है। मान्यता है कि इस प्राचीन मंदिर की स्थापना राजा विक्रमादित्य के काल में हुई थी। मान्यता है कि इस जाग्रत तीर्थ पर कोई भी अनुष्ठान निष्फल नहीं जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब

Family Puja

घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।

ल
ललिता देवी
प्रयागराज
Verified
Private Puja

विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।

स
सुजाता डलास
शिकागो
Verified
Individual

What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.

र
रमेश कुमार
बेंगलुरु
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ल

ललिता देवी

घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।

5.0
स

सुजाता डलास

विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।

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रमेश कुमार

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पूजा सम्पन्न होने के 48 घंटे के भीतर पूजा का वीडियो आपके व्हाट्सऐप पर भेज दिया जाएगा।

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