घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।
धनतेरस कुबेर लक्ष्मी कर्ज मुक्ति एवं धन आकर्षण सिद्धि हवन
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पूजा का महत्व
इस अनुष्ठान का उद्देश्य
भारी कर्ज, उधारी और लोन के चक्रव्यूह से स्थायी मुक्ति का आशीर्वाद
धनतेरस पर महालक्ष्मी और धनपति कुबेर को प्रसन्न कर नए धन स्रोतों का आकर्षण
व्यापारिक मंदी, नौकरी में रुकावटों और अकारण धन नुकसान से मुक्ति की मान्यता
घर में धन की स्थिरता, आरोग्य, मान-प्रतिष्ठा व वंश वृद्धि
धनतेरस पर कुबेर-लक्ष्मी पूजन का अलौकिक महत्व
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (धनतेरस) का दिन सनातन धर्म में समृद्धि के द्वार खोलने वाला दिन माना गया है। इसी दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि और अमृत कलश के साथ महालक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था, और इसी दिन धनपति कुबेर को देवताओं के कोषाध्यक्ष का पद मिला था। धनतेरस पर जब शुक्रवार का पावन संयोग (मां लक्ष्मी का प्रिय दिन) बनता है, तब गजलक्ष्मी मंदिर की सिद्ध भूमि पर किया गया हवन दरिद्रता को जड़ से उखाड़ फेंकता है।
अष्टलक्ष्मी पूजन का महत्व (अष्ट निधि की प्राप्ति)
धनतेरस पर महालक्ष्मी के सभी अष्टलक्ष्मी रूपों आदि लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, धैर्य लक्ष्मी, गज लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, विजय लक्ष्मी, विद्या लक्ष्मी और धन लक्ष्मी रूपों के आशीर्वाद से अष्ट निधि की प्राप्ति होती है-
आदि लक्ष्मी: आध्यात्मिक बल एवं मानसिक शांति
धन लक्ष्मी: धन-दौलत, भौतिक सुख-सुविधाएं
धान्य लक्ष्मी: अन्न, भोजन और कृषि/व्यापार में बरकत
गज लक्ष्मी: मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा एवं राजयोग
संतान लक्ष्मी: वंश वृद्धि एवं बच्चों का उत्तम स्वास्थ्य
वीर (धैर्य) लक्ष्मी: साहस, पराक्रम एवं विपरीत परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति
विजय लक्ष्मी: कोर्ट-केस, व्यापार व हर कार्य में जीत
विद्या लक्ष्मी: बुद्धि, ज्ञान, कला और सही निर्णय लेने की क्षमता
लक्ष्मी-कुबेर धन आकर्षण सिद्धि हवन
जब अथक परिश्रम के बाद भी आर्थिक तंगी दूर न हो, कर्ज लगातार बढ़ता जाए और उसे चुकाने के सारे मार्ग बंद नजर आएं, तो यह महालक्ष्मी और कुबेर देव के रुष्ट होने का संकेत है। धनतेरस की रात्रि में कमलगट्टे, शुद्ध गाय के घृत, श्रीफल, पीली कौड़ियों और जड़ी-बूटियों से किया गया कुबेर-लक्ष्मी सिद्धि हवन धन को अपनी ओर आकर्षित करता है और कर्ज के बंधनों को काटता है।
धनप्राप्ति कनकधारा स्तोत्र पाठ
सम्पत्कराणि सकलेन्द्रियनन्दनानि, साम्राज्यदानविभवानि सरोरुहाक्षि।
त्वद्वन्दनानि दुरितोद्धरणोद्यतानि, मामेव मातरनिशं कलयन्तु मान्ये॥
अर्थ: हे कमल जैसी आंखों वाली मां लक्ष्मी! आपकी वंदना और आराधना समस्त संपत्ति प्रदान करने वाली, सभी इंद्रियों को आनंद देने वाली और बड़े से बड़ा साम्राज्य व वैभव दान करने की क्षमता रखती है। यह आराधना सभी पापों और आर्थिक कष्टों को तुरंत हर लेती है।
पौराणिक कथा: मान्यता है कि आदि शंकराचार्य ने जब एक गरीब दुखियारी महिला के घर भिक्षा मांगी, तो उस महिला ने असमर्थता जताते हुए उन्हें केवल एक सूखा आंवला भेंट किया। तब शंकराचार्य ने मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए तत्काल इस दिव्य स्तोत्र की रचना की थी, जिससे उस महिला के घर सोने (कनक) के आंवलों की वर्षा हुई थी।
पूजा के लाभ
भारी कर्ज व ऋण से मुक्ति
लंबे समय से चले आ रहे लोन, उधारी और कुरुणों के बोझ से राहत मिलती है तथा कर्ज चुकाने के नए मार्ग बनते हैं।
कनकधारा व कुबेर प्रभाव से धन आकर्षण
आदि शंकराचार्य रचित कनकधारा स्तोत्र और कुबेर सिद्ध हवन के प्रभाव से रुका हुआ पैसा वापस मिलता है और नए धन स्रोतों का निर्माण होता है। व्यापारिक घाटा समाप्त होता है और नौकरी में पदोन्नति के द्वार खुलते हैं।
अष्टलक्ष्मी कृपा व धन की स्थिरता
घर में पैसा टिकने लगता है, अकारण फिजूलखर्ची रुकती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
पारिवारिक आरोग्य व शांति
घर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है तथा सदस्यों के बीच प्रेम और आरोग्य बना रहता है।
पूजा प्रक्रिया
नाम-गोत्र संकल्प
आचार्यों द्वारा आपके और आपके परिवार के नाम-गोत्र के साथ ऋण मुक्ति व धन आकर्षण का वेदोक्त संकल्प।
मां गजलक्ष्मी अभिषेक
पावन जल, केवड़ा, केसर और पंचामृत से ऐरावत-सवार मां गजलक्ष्मी का दिव्य महा-अभिषेक।
अष्टलक्ष्मी एवं कुबेर आह्वान
आठों महालक्ष्मी स्वरूपों और धनपति कुबेर देव का षोडशोपचार पूजन।
कनकधारा स्तोत्र पाठ
आचार्यों द्वारा सिद्ध कनकधारा स्तोत्र और लक्ष्मी-कुबेर अष्टोत्तर नामावली का सस्वर पाठ।
कुबेर-लक्ष्मी धन आकर्षण सिद्धि हवन
कमलगट्टे, पीली सरसों, शुद्ध घृत, श्रीफल, मखाना और औषधियों से कुबेर-लक्ष्मी हवन कुंड में आहुतियां।
पूर्णाहुति एवं महाआरती
हवन की पूर्णाहुति के पश्चात महालक्ष्मी व कुबेर देव की आरती कर सर्व-समृद्धि की प्रार्थना।
आपको क्या मिलेगा?
6 नवंबर (धनतेरस) को सिद्ध गजलक्ष्मी मंदिर उज्जैन में संपन्न अनुष्ठान व हवन का प्रामाणिक वीडियो 48 घंटे के अंदर आपके WhatsApp पर।
मंदिर विवरण
गजलक्ष्मी मंदिर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब
Puja Gallery
विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।
What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.


