घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।
अयोध्या नगरी श्री राम स्वागत दीपोत्सव एवं महालक्ष्मी राज-सिद्धी महायज्ञ
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पूजा का महत्व
एक वो रात थी जब 14 सालों के लंबे इंतजार, कड़े संघर्ष और वनवास का अंत हुआ था, और एक आज का दिन है, जब आप सालों से अपने जीवन की तंगी, कर्ज और परेशानियों के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।
त्रेतायुग में जब प्रभु श्री राम अयोध्या लौटे थे, तो उनके साथ केवल सीता-राम नहीं आए थे। उनके कदमों के साथ अयोध्या में पधारी थीं 'राज-लक्ष्मी'। वही राज-लक्ष्मी जिन्होंने एक ही रात में अयोध्या के हर घर को वैभव, प्रतिष्ठा का आशीर्वाद दिया था।
दीपावली के पावन अवसर पर होने वाला महालक्ष्मी राज-सिद्धी महायज्ञ कोई साधारण पूजा नहीं है। इस महायज्ञ से मां महालक्ष्मी स्वयं अपने भक्तों को धन-धान्य का वरदान देने पृथ्वी पर आती हैं। अयोध्या धाम, जो स्वयं भगवान श्री राम की जन्मस्थली और महालक्ष्मी स्वरूप माता सीता की गृहस्थली है, वहां सरयू के तट पर दीपावली पर दीपदान और ये महायज्ञ करने से आपके घर में धन और समृद्धि का आगमन होगा। यह यज्ञ आपकी जिंदगी के आर्थिक संकटों, व्यापार की रुकावटों और पीढ़ियों की दरिद्रता को भस्म कर देगा। अयोध्या नगरी में प्रभु राम के स्वागत में दीप जलाकर आपका भाग्य बदल सकता है। अपने घर में समृद्धि का उजाला लाने में देरी न करें।
'सरयू तट, अयोध्या धाम' की महिमा
अयोध्या धाम स्थित पावन सरयू नदी केवल एक नदी नहीं, बल्कि प्रभु श्री राम की नित्य लीलास्थली और धरती पर साक्षात वैकुंठ का अवतरण मानी जाती है। धार्मिक ग्रंथों में बताया है कि, सरयू नदी की उत्पत्ति भगवान विष्णु के नेत्रों से हुई है, इसलिए माना जाता हे कि इसके जल के स्पर्श मात्र से ही मनुष्य के जन्मांतरों के पापों, दरिद्रता और दुखों का नाश हो जाता है।दीपावली की रात सरयू तट पर प्रज्वलित एक-एक दीप जीवन से समस्त अंधकार को मिटाकर सुख, समृद्धि, यश और राज-वैभव का प्रकाश फैलाता है। ऐसी मान्यता है कि सरयू तट पर किया गया नाम-गोत्र संकल्प और दीपदान सीधे प्रभु श्री राम और मां महालक्ष्मी के चरणों में स्वीकार होता है, जिससे साधक को जीवन में कभी धन, धान्य और मान-सम्मान की कमी नहीं होती।
इस महाअनुष्ठान का उद्देश्यः
अपार धन, अष्ट-लक्ष्मी और राज-वैभव का जीवन में आगमन
सरयू तट पर नाम-गोत्र से दीपदान से जीवन से अंधकार का नाश
दरिद्रता और आर्थिक रुकावटों का अंत
धनपति कुबेर कृपा से अटके धन की प्राप्ति और कर्ज से मुक्ति
पूजा के लाभ
अखंड धन व समृद्धि का आकर्षण
घर और व्यापार में महालक्ष्मी का स्थायी वास होता है और धन का संचय बढ़ता है।
राज-वैभव व पद-प्रतिष्ठा
समाज और कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान, उच्च पद और 'राज-सुख' का आशीर्वाद मिलता है।
कर्ज और आर्थिक तंगी से मुक्ति
लंबे समय से चले आ रहे कर्ज और दरिद्रता से मुक्ति का आशीर्वाद।
व्यापार एवं आय में वृद्धि
व्यापार में नए रास्ते खुलते हैं, अटके हुए सौदे पूरे होते हैं और धन लाभ होता है।
कुबेर देव का आशीर्वाद
तिजोरी हमेशा धन-धान्य से भरी रहती है और अकारण होने वाले खर्चे रुकते हैं।
परिवार में सुख और शांति
पूरे परिवार पर भगवान श्री राम और मां महालक्ष्मी का अभय कवच बना रहता है।
पूजा प्रक्रिया
व्यक्तिगत नाम-गोत्र संकल्प
वैदिक आचार्यों द्वारा यजमान के नाम, गोत्र का उच्चारण कर संकल्प।
श्री राम दरबार व महालक्ष्मी पूजन
भगवान श्री राम, माता सीता और मां महालक्ष्मी का पूजन व अभिषेक।
महालक्ष्मी राज-सिद्धी महायज्ञ
मां महालक्ष्मी का आह्वान का विधिवत पूजन।
सरयू तट दीपदान और महाआरती
यजमान के नाम से सरयू तट पर दीप प्रज्वलन, महाआरती और पूर्णाहुति।
आपको क्या मिलेगा?
महायज्ञ और दीपदान पूर्ण होने के 48 घंटे के भीतर आपके नाम-गोत्र संकल्प सहित पूजन का वीडियो WhatsApp पर भेजा जाएगा।
मंदिर विवरण
सरयू घाट
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब
Puja Gallery
विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।
What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.

