घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।
18,000 मूल मंत्र जाप एवं दशांश हवन
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पूजा का महत्व
इस अनुष्ठान का उद्देश्य
सही और सटीक निर्णय लेने की क्षमता में सुधार के लिए
गलत निर्णयों की वजह से जीवन में आ रही परेशानियों से राहत
मानसिक शांति और मन में स्थिरता के लिए
अकारण नुकसान, कड़े संघर्ष और अचानक आने वाली बाधाओं से बचने के लिए
राहु के परम धाम राहु पैठाणी में राहु नक्षत्र में इस अनुष्ठान का महत्व
जीवन में जब बिना वजह मानसिक तनाव बढ़ने लगे, हर फैसला गलत साबित होने लगे और मन में अनजाना भय बना रहे, तो यह राहु ग्रह के प्रतिकूल प्रभाव का संकेत होता है। इस स्थिति में राहु देव के 18,000 मूल मंत्रों का जाप और दशांश हवन कराना शास्त्रोक्त विधान माना गया है। मान्यता है कि उत्तराखंड के सिद्ध राहु पैठणी मंदिर में राहु नक्षत्र स्वाति के विशेष योग पर यह अनुष्ठान कराने से मन के सभी भ्रम, चिंताओं और नकारात्मक विचारों का नाश होता है। यह जाप भक्त के भीतर बौद्धिक स्पष्टता लाता है और सही समय पर सही निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करता है।
राहु पैठाणी मंदिर और पूजन की अलौकिक महिमा
उत्तराखंड के पैठाणी गांव में यह राहु मंदिर भारत का अत्यंत प्राचीन और अलौकिक सिद्ध पीठ है। पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के समय जब मोहिनी रूप धरे भगवान विष्णु देवताओं को अमृत बांट रहे थे, तब स्वरभानु नाम का दैत्य देवताओं का छद्म रूप धारण करके सूर्य और चंद्र देव के मध्य बैठ गया और उसने भी अमृत पान कर लिया। सूर्य और चंद्रमा द्वारा रहस्य उजागर करने पर भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से स्वरभानु का सिर धड़ से अलग कर दिया। चूंकि स्वरभानु अमृत पी चुका था, इसलिए उसका सिर 'राहु' और धड़ 'केतु' के रूप में अमर हो गया। सुदर्शन चक्र से कटा हुआ राहु देव का मस्तक उत्तराखंड की इसी पावन भूमि पैठाणी में आकर गिरा था। मस्तक गिरने के पश्चात् अपनी भूल का पश्चाताप करने के लिए राहु देव ने इस स्थान पर भगवान शिव की कठोर तपस्या की। उनकी निष्कपट भक्ति से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें नवग्रहों में 'छायाग्रह' का पद दिया और अपने साथ इसी स्थान पर स्थापित होने का वरदान दिया। साक्षात राहु देव की इस तपोभूमि पर किया गया जाप और हवन जातक के जीवन से राहु के सभी उग्र प्रभावों को दूर कर मानसिक शांति प्रदान करता है।
पूजा के लाभ
मानसिक शांति और स्थिरता
18,000 राहु मूल मंत्र जाप और दशांश हवन करने से राहु के कठिन प्रभाव को शांत करने की प्रार्थना की जाती है। मान्यता है कि इससे मन को शांति और स्थिरता प्राप्त होती है।
निर्णय लेने की क्षमता में सुधार
स्वाति नक्षत्र के समय की गई यह पूजा जीवन में स्पष्टता बढ़ाने और सही निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने में सहायक मानी जाती है।
जीवन की परेशानियों से राहत
राहु की महादशा लंबे समय तक चलती है और इस दौरान व्यक्ति को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे नौकरी या व्यापार में नुकसान। यह अनुष्ठान ऐसी कठिन परिस्थितियों से राहत की प्रार्थना के लिए किया जाता है और जीवन में समृद्धि के नए अवसर खुलने की कामना की जाती है।
पूजा प्रक्रिया
संकल्प
वैदिक आचार्यों द्वारा आपके नाम-गोत्र से विशेष संकल्प।
गणेश एवं नवग्रह पूजन
अनुष्ठान की निर्विघ्न पूर्णता के लिए प्रथम पूज्य श्री गणेश, नवग्रह देवों और राहु-केतु का विशेष पूजन।
18,000 राहु मूल मंत्र जाप
विद्वान ब्राह्मणों द्वारा आपके नाम से राहु देव के 18,000 सिद्ध मूल मंत्रों का शुद्ध एवं विधिपूर्वक जाप किया जाएगा।
दशांश हवन एवं आरती
जाप की पूर्णता पर राहु ग्रह की शांति सामग्री, तिल और उड़द से दशांश हवन संपन्न कर आरती की जाएगी।
आपको क्या मिलेगा?
अनुष्ठान का संपूर्ण वीडियो 48 घंटे के भीतर सीधे आपके WhatsApp पर भेजा जाएगा।
मंदिर विवरण
राहु पैठाणी मंदिर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब
Puja Gallery
विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।
What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.


