घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।
डॉक्टर हनुमान संजीवनी पाठ, 108 संकट मोचन हनुमान मंत्र जाप एवं 21 किलो सिंदूर अभिषेक
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पूजा का महत्व
इस अनुष्ठान का उद्देश्य
गंभीर बीमारियों व शारीरिक कष्टों से मुक्ति व आरोग्यता का आशीर्वाद
रोगियों के चारों ओर आरोग्य सुरक्षा चक्र निर्मित होने की मान्यता
अकाल मृत्यु भय, दुर्घटनाओं, अस्पताल/सर्जरी के संकटों के शमन की कामना
मन में सकारात्मकता, असीम आत्मबल, जीवन ऊर्जा और आरोग्यता का आशीर्वाद
10 नवंबर मंगलवार को डॉ. हनुमान की पूजा का महत्व
वैदिक सनातन परंपरा में मंगलवार का दिन रुद्र अवतार संकट मोचन हनुमान जी का परम प्रिय दिन है। मान्यता है जब हनुमान जी के परम दिवस मंगलवार को उनके डॉक्टर स्वरूप की पूजा की जाती है, तो हनुमान जी का आरोग्यदायी और करुणामय रूप जातक के कड़े से कड़े शारीरिक कष्टों और असाध्य व्याधियों को पल भर में हर लेता है। कहते हैं कि श्री धाम वृंदावन स्थित अलौकिक 'डॉ. हनुमान मंदिर' में संकटमोचन को 21 किग्रा सिंदूर का महा-अभिषेक, संजीवनी पाठ और 108 संकट मोचन मंत्रों का जाप किया जाता है, तो डॉ. हनुमान की कृपा से रोगी के शरीर में नई जीवन-ऊर्जा का संचार होता है, गंभीर बीमारियों का शमन होता है और हर प्रकार का स्वास्थ्य संकट दूर होता है।
ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय, सर्व-रोग-शोकं विनाशय विनाशय।
अकाल-मृत्युं हर हर, संजीवनी-प्राण-रक्षां कुरु कुरु हुं फट् स्वाहा॥
अर्थ: हे रुद्र के स्वरूप परम शक्तिशाली भगवान हनुमान! मैं आपको नमन करता हूं। आप कृपा करके मेरे सभी रोगों (बीमारियों) और शोकों (दुखों) का पूरी तरह से नाश कर दीजिए। मेरे अकाल मृत्यु के भय को दूर कीजिए। जिस प्रकार आपने संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी के प्राण बचाए थे, ठीक उसी प्रकार संजीवनी शक्ति देकर मेरे प्राणों की रक्षा कीजिए। मैं यह प्रार्थना आपको समर्पित करता हूं।
सारे संकटों को काटने वाले महावीर हनुमान ने संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी को मेघनाथ के शक्ति प्रहार से बचाया था। मान्यता है कि मथुरा के डॉक्टर हनुमान मंदिर से बजरंगबली का ‘संजीवनी आशीर्वाद’ गंभीर बीमारियों से रक्षा करता है, दीर्घायु बनाता है और अकाल मृत्यु के भय सहित सभी शारीरिक-मानसिक संकटों का समाधान करता है।
खास है डॉ. हनुमान मंदिर की कहानी
कहते हैं कि शिव कुमार नाम के एक संत कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। डॉक्टरों ने उन्हें जवाब दे दिया था। तब वह बजरंग बली की शरण में गए। उनकी सेवा से प्रसन्न होकर हनुमान जी ने डॉक्टर के रूप में सपने में दर्शन दिए। इसके बाद संत की सभी बीमारियां दूर हो गईं।
मध्य प्रदेश के दंदरौआ धाम में भी बजरंगबली को डॉक्टर रूप में पूजा जाता है। कहते हैं दोनों मंदिर एक जैसे हैं और इन मंदिरों में विशेष अर्चना से बजरंगबली लोगों की बीमारियों को दूर करते हैं।
इस धाम में हनुमान जी 'वैद्य' या 'डॉक्टर' के रूप में साक्षात विराजमान हैं, इसलिए मान्यता है कि यहां ‘संजीवनी पाठ, 108 संकट मोचन हनुमान मंत्र जाप एवं 21 किलो सिंदूर अभिषेक’ जैसा शक्तिशाली अनुष्ठान कराने से बजरंगबली सभी मरीजों के कष्ट उसी तरह हरते हैं, जैसे संजीवनी बूटी लाकर उन्होंने शेषनाग रूपी भगवान लक्ष्मण की प्राण रक्षा की थी।
पूजा के लाभ
असाध्य रोगों से मुक्ति
मान्यता है कि यह पाठ कैंसर, ट्यूमर, गंभीर फोड़े, अल्सर और पैरालिसिस जैसी उन बीमारियों में भी राहत दिलाता है जहां डॉक्टर हाथ खड़े कर देते हैं।
प्राण रक्षा और लंबी आयु
मरणासन्न या अत्यंत गंभीर स्थिति से जूझ रहे व्यक्ति के नाम से जब यह पाठ डॉक्टर हनुमान के सम्मुख होता है, तो उसके प्राणों पर आया संकट टल जाता है
शारीरिक ऊर्जा का संचार
यह पाठ रोगी के भीतर की नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) और सकारात्मक ऊर्जा को तेजी से बढ़ाता है
बजरंगबली का संजीवनी आशीर्वाद
हनुमान जी का डॉक्टर रूप, भक्तों को अभय देने वाला माना गया है। इस रूप के पूजन से भक्तों के सभी रोग (बीमारियां) और शोक (दुख) दूर होते हैं।
ग्रह दोषों और ऊपरी बाधाओं से मुक्ति
यदि बीमारी का कारण राहु, केतु या विशेषकर शनि की महादशा, ढैय्या या साढ़ेसाती है, तो ‘108 संकट मोचन हनुमान मंत्र जाप’ उन क्रूर ग्रहों के प्रभाव को तुरंत शांत करता है।
मानसिक तनाव और भय का नाश
लगातार गंभीर बीमारी के कारण मरीज या परिवार में जो डिप्रेशन, डर और घबराहट पैदा हो जाती है, वह दूर होती है और मन को अपार शांति और आत्मबल देता है
सुरक्षा कवच
यह जाप रोगी के चारों ओर एक सुरक्षा कवच (कवचम) का निर्माण करता है, जिससे कोई भी नकारात्मक या बुरी नजर दवाओं के असर को नहीं रोक पाती।
पूजा प्रक्रिया
महा गणपति पूजन
पूजन की सफल समाप्ति सुनिश्चित करने और बाधाओं को दूर करने के लिए भगवान गणेश की पूजा के साथ अनुष्ठान शुरू होता है।
संकल्प
आपके नाम और गोत्र के साथ आपके कल्याण और बीमारियों से मुक्ति के लिए संकल्प लिया जाएगा।
21 किलो सिंदूर अभिषेक और चोला अर्पण
हनुमान जी को पंचामृत स्नान और श्रंगार के बाद 21 किलो सिंदूर से अभिषेक किया जाएगा और चोला अर्पित किया जाएगा।
108 संकट मोचन मंत्र जाप और हनुमान संजीवनी पाठ
इसके बाद 108 बार हनुमान जी के संकट मोचन मंत्र का जाप और संजीवनी पाठ किया जाएगा।
हवन एवं महाआरती
मंत्र जाप एवं संकट मोचन पाठ के बाद पूर्णाहुति और आरती के साथ हवन संपन्न होगा।
आपको क्या मिलेगा?
पूजा का पूरा वीडियो 48 घंटे के अंदर वॉट्सऐप पर आपको भेजा जाएगा।
आपके नाम और गोत्र के अनुसार व्यक्तिगत संकल्प के द्वारा घर बैठे ही डॉक्टर हनुमान का संजीवनी आशीर्वाद मिलेगा।
पूजा एक अनुष्ठानिक उपासना है जो देवी-देवताओं का सम्मान करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए की जाती है।
मंदिर विवरण
डॉक्टर हनुमान मंदिर, वृंदावन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब
Puja Gallery
विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।
What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.


