घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।
महाकाली-महाकाल अकाल मृत्यु निवारण महापूजा
You won't be charged yet
पूजा का महत्व
इस अनुष्ठान का उद्देश्य
महाकाली 'समय और विनाश की देवी' हैं तो महाकाल 'अनंत समय और मृत्यु के देवता' हैं। दोनों की संयुक्त पूजा महाफलदायी
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अकाल मृत्यु या दुर्घटना योग निवारण के लिए अचूक
साधक के जीवन में शक्ति और शांति का संतुलन
विकराल अड़चनों को दूर कर आत्मबल और निडरता प्रदान करने की मान्यता
काली चौदस क्यों खास है? (महारात्रि का रहस्य)
कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी यानी कालीचौदस को तंत्र और शास्त्र में वर्ष की सबसे शक्तिशाली महा रात्रि माना गया है।
महाकाली के प्राकट्य की रात्रि: मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि पर असुरों के संहार और संसार की रक्षा हेतु मां काली का उग्र रूप में प्राकट्य हुआ था।
काल चक्र के द्वार खुलने का समय: कालीचौदस की रात्रि को ब्रह्मांडीय ऊर्जा अपने चरम पर होती है। इस रात महाकाली और महाकाल दोनों की शक्तियां पृथ्वी पर सबसे अधिक जागृत रहती हैं।
अकाल मृत्यु निवारण का अमोघ काल: शास्त्रों में वर्णित है कि कालीचौदस की रात की गई पूजा यमराज के दंड और अकाल मृत्यु के विधान को भी काट देती है। इस रात्रि में की गई साधना साधक को 'काल' (समय) के अधीन होने से बचाकर सुरक्षा प्रदान करती है।
पुरुष और प्रकृति का सर्वोच्च संबंध (शिव-शक्ति कथा)
तंत्र शास्त्र के अनुसार, जब मां काली दैत्यों का संहार करते हुए विकराल उग्र रूप में आ गईं, तो उनके प्रचंड वेग और क्रोध से तीनों लोक थरथराने लगे। उन्हें शांत करना किसी भी देव के वश में नहीं था। तब संसार को विनाश से बचाने के लिए भगवान शिव (महाकाल) स्वयं मां काली के मार्ग में निश्चेष्ट होकर लेट गए।
जैसे ही उग्र मां काली का पैर भगवान शिव की छाती पर पड़ा, उन्होंने अपने स्वामी महाकाल को पहचाना और लज्जा से उनकी जिह्वा बाहर आ गई। इस तरह महाकाल ने महाकाली के उग्र रूप को शांत किया। मां महाकाली 'प्रकृति और समय' हैं, तो महाकाल 'पुरुष और अनंत काल' हैं। शिव के बिना शक्ति अनियंत्रित है और शक्ति के बिना शिव निश्चेष्ट हैं। इसलिए अकाल मृत्यु पर पूर्ण विजय पाने के लिए इन दोनों की एक साथ पूजा की जाती है।
पूजा के लाभ
अकाल मृत्यु व दुर्घटना से रक्षा
भगवान महाकाल और मां महाकाली की कृपा से असमय आने वाली मृत्यु और दुर्घटनाएं टलने की मान्यता
आरोग्य व दीर्घायु
गंभीर शारीरिक व्याधियों, मानसिक तनाव और अकारण कष्टों से मुक्ति का आशीर्वाद
काल एवं यम भय से मुक्ति
मन से मृत्यु का भय समाप्त होने एवं अभय का आशीर्वाद मिलने की मान्यता
अभेद्य दिव्य सुरक्षा
परिवार के चारों ओर दोनों महाशक्तियों का रक्षण चक्र बनता है
पूजा प्रक्रिया
नाम-गोत्र संकल्प
अकाल मृत्यु निवारण, आरोग्य एवं काल विजय हेतु आपके व आपके परिवार के नाम-गोत्र के साथ विधिवत संकल्प।
स्थान शुद्धि एवं गणेश पूजन
कालीघाट सिद्ध शक्तिपीठ में अनुष्ठान की निर्विघ्न समाप्ति हेतु प्रथम पूज्य गणेश जी का आह्वान।
महाकाली-महाकाल आवाह्न
काल के दोनों परम नियंत्रकों (महाकाली और महाकाल) का षोडशोपचार पूजन व ध्यान।
रुद्राभिषेक व काली कवच पाठ
आचार्यों द्वारा रुद्राभिषेक और सिद्ध काली कवच का पाठ
काल भय शमन महा हवन
पवित्र अग्नि में विशेष जड़ी-बूटियों, समिधाओं और सिद्ध मंत्रों द्वारा आहुतियां।
महा आरती व प्रार्थना
महा आरती के साथ साधक और उसके परिवार की अभेद्य दीर्घायु की प्रार्थना।
आपको क्या मिलेगा?
महाकाली-महाकाल अकाल मृत्यु भय निवारण महापूजा का पूरा वीडियो 48 घंटे के अंदर आपके WhatsApp पर भेजा जाएगा।
मंदिर विवरण
कालीघाट,शक्तिपीठ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब
Puja Gallery
विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।
What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.


