घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।
मां बगलामुखी-प्रत्यंगिरा कवच पाठ एवं 21 किलो लाल मिर्च हवन
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पूजा का महत्व
इस अनुष्ठान का उद्देश्य
गुप्त व प्रत्यक्ष शत्रुओं, विरोधियों के षड्यंत्रों और झूठे मुकदमों का स्तंभन
तंत्र बाधा, नजर दोष, ईर्ष्या और नकारात्मक ऊर्जा का दोगुने वेग से स्थायी विनाश
'मां प्रत्यंगिरा कवच' और 21 किलो लाल मिर्च हवन से परिवार के चारों ओर अभेद्य सुरक्षा चक्र
राजनीति, व्यापार, कानूनी मामलों और करियर में विरोधियों पर विजय प्राप्ति
अष्टमी तिथि में पूजा का महत्व
शास्त्रों में अष्टमी तिथि दसमहाविद्याओं की साधना के लिए अत्यंत फलदायी मानी गई है। हिमांचल क्षेत्र की पावन भूमि पर अष्टमी के दिन जब पीताम्बरा मां बगलामुखी के साथ उग्र रूपिणी देवी प्रत्यंगिरा का 'कवच पाठ' से सभी प्रकार के दुश्मनों से सुरक्षा दिलाता है और '21 किलो लाल मिर्च हवन' से शत्रुओं का स्तंभन और नकारात्मक शक्तियों का नाश पल भर में हो जाता है।
21 किलो लाल मिर्च हवन का प्रभाव
मां बगलामुखी शत्रुओं की वाक्, बुद्धि और गति का स्तंभन करने वाली देवी हैं, जबकि शत्रु-विनाशिनी देवी प्रत्यंगिरा किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा और तांत्रिक प्रभाव को भेजने वाले के पास ही पलट देती हैं। तंत्र-शास्त्र के अनुसार, मां प्रत्यंगिरा और मां बगलामुखी के निमित्त 21 किलो तीखी लाल मिर्च (कंटक/कटु द्रव्य) की आहुतियां देना शत्रु-विनाश और बाधा-शमन का सबसे अचूक उपाय है। लाल मिर्च की तीखी आहुतियों से निकलने वाली ऊर्जा शत्रुओं के कुचक्रों, ईर्ष्या, मुकदमेबाजी और तंत्र प्रहारों को अग्नि में भस्म कर आपके जीवन में सुरक्षा का कवच निर्मित कर देती है।
मां बगलामुखी व मां प्रत्यंगिरा की दिव्य महिमा
शास्त्रों में मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं की 8वीं शक्ति 'ब्रह्मास्त्ररूपिणी' कहा गया है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब मदनासुर दैत्य को ब्रह्माजी से वरदान मिला कि उसका बोला हर शब्द सत्य होगा, तो उसने अपनी वाक्-सिद्धि से तबाही मचा दी। वह केवल बोलकर ऋषियों और राजाओं को भस्म कर देता था। तब देवताओं की पुकार पर मां पीताम्बरा मां बगलामुखी प्रकट हुईं और जैसे ही मदनासुर ने देवी पर प्रहार करने के लिए मुंह खोला, मां बगलामुखी ने उसकी जीभ खींचकर उसकी शक्ति का 'स्तम्भन' (पंगु) कर दिया और गदा से उसका अंत किया। मां का यही स्तम्भन चमत्कार आज भी शत्रुओं, मुकदमों और विरोधियों की जुबान व कुबुद्धि को बांध देता है।
शास्त्रों में मां प्रत्यंगिरा को सबसे तीव्र और उग्र शक्तियों में से एक माना गया है। पौराणिक कथा के अनुसार, रामायण युद्ध के दौरान मेघनाद युद्ध में पराजित होने की स्थिति में इन्हीं देवी का गुप्त अनुष्ठान व निकुंभिला यज्ञ करने जा रहा था। मान्यता है कि यदि मेघनाद यह अनुष्ठान पूरा कर लेता, तो उसे युद्ध में मारना असंभव हो जाता। इसीलिए विभीषण जी की सलाह पर भगवान लक्ष्मण ने मेघनाद के इस यज्ञ को पूरा नहीं होने दिया। मां प्रत्यंगिरा की महिमा यह है कि ये शत्रुओं द्वारा किए गए तंत्र व षड्यंत्र के प्रहार को रोकती ही नहीं, बल्कि दोगुने वेग से प्रहार करने वाले पर ही उलट देती हैं।
भाखली पांडोह मंदिर का दिव्य इतिहास
हिमाचल प्रदेश में व्यास नदी के तट पर स्थित भाखली (पांडोह) का मां बगलामुखी मंदिर एक अत्यंत प्राचीन और सिद्ध पीठ है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इस पावन स्थान पर रुककर मां बगलामुखी की कठोर साधना की थी और और कौरवों के भयंकर षड्यंत्रों तथा लाक्षागृह जैसी चालों पर विजय प्राप्ति का वरदान प्राप्त किया था। पहाड़ियों और अलौकिक प्राकृतिक ऊर्जा से घिरा यह पीठ आज भी तंत्र-मंत्र निवारण, शत्रु बाधा मुक्ति और ऋद्धि-सिद्धि प्रदान करने के लिए संपूर्ण भारत में प्रसिद्ध है।
पूजा के लाभ
सुरक्षा चक्र व नकारात्मकता से मुक्ति
मां बगलामुखी और प्रत्यंगिरा देवी का अमोघ कवच जातक और उसके परिवार के चारों ओर एक सुरक्षा चक्र निर्मित करता है, जिससे तंत्र-मंत्र और नजर दोष निष्प्रभावी हो जाते हैं।
शत्रुओं और मुकदमों पर पूर्ण विजय
कोर्ट-कचहरी के विवादों, व्यापारिक प्रतिस्पर्धियों और गुप्त शत्रुओं की चालें विफल होती हैं तथा उनकी बुद्धि कुंठित हो जाती है।
समृद्धि और धन-धान्य का आगमन
जीवन में आ रही आर्थिक रुकावटें दूर होती हैं, नए आय के स्रोत बनते हैं और व्यापार व नौकरी में अपार सफलता प्राप्त होती है।
भय, तनाव और मानसिक अशांति का नाश
अज्ञात भय, चिंता और अवसाद दूर होता है तथा जीवन में आत्मबल और सकारात्मकता का संचार होता है।
पूजा प्रक्रिया
नाम-गोत्र संकल्प
नाम- गोत्र से शत्रु विजय, सर्व-बाधा शांति और अखंड समृद्धि का विशेष संकल्प।
गणपति एवं नवग्रह आवाहन
विघ्नहर्ता श्री गणेश, क्षेत्रपाल भैरव बाबा और नवग्रहों का पूजन व कलश स्थापना।
मां बगलामुखी व प्रत्यंगिरा कवच पाठ
वैदिक आचार्यों द्वारा मां बगलामुखी और महा-प्रत्यंगिरा स्तोत्र व कवच का सस्वर पाठ।
21 किलो लाल मिर्च महाहवन
विशेष तांत्रिक विधि से 21 किलो लाल मिर्च, राई, पीली सरसों और विशेष हवन सामग्रियों द्वारा शत्रु बुद्धि विनाशिनी महाअग्नि में आहुतियां।
पूर्णाहुति व महाआरती
मां बगलामुखी की आरती के साथ जातक की सुरक्षा और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना।
आपको क्या मिलेगा?
पूजा का स्पष्ट वीडियो 48 घंटे के भीतर आपके WhatsApp पर भेज दिया जाएगा।
मंदिर विवरण
मां बगलामुखी मंदिर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब
Puja Gallery
विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।
What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.


