घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।
करियर में उन्नति एवं नेतृत्व शक्ति हेतु विशेष सूर्य पूजा
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पूजा का महत्व
इस पूजा का उद्देश्य
करियर में उन्नति, नौकरी और व्यवसाय में आ रही लगातार रुकावटों के शमन का आशीर्वाद
पदोन्नति, उच्च पद की प्राप्ति, नेतृत्व शक्ति और कार्यस्थल पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कामना
सरकारी नौकरी, प्रशासनिक कार्यों , टेंडर या सरकारी मुकदमों में सफलता पाने के लिए
समाज, परिवार और पेशेवर जीवन में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा के लिए
रविवार को सूर्य देव की पूजा का महत्व
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, रविवार का दिन नवग्रहों के राजा सूर्य देव को समर्पित है, जिन्हें आत्मा, पिता, सफलता और नेतृत्व का कारक माना जाता है। मान्यता है कि सूर्य देव को समर्पित रविवार के दिन उनकी पूजा-अर्चना करने से कुंडली में सूर्य का प्रभाव अत्यंत बलवान हो जाता है। जब कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, तो जातक के भाग्योदय के द्वार खुलते हैं। सूर्य देव के आशीर्वाद से करियर व व्यापार में आ रही बाधाएं समाप्त होती है तथा पदोन्नति, उच्च पद की प्राप्ति, नेतृत्व शक्ति और कार्यस्थल पर वर्चस्व के मार्ग प्रशस्त होते हैं।
करियर एवं नेतृत्व शक्ति का सूर्यदेव से संबंध
शास्त्रों के अनुसार, जिस व्यक्ति की कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, असफलता उसके रास्ते में नहीं आती है और ऐसा व्यक्ति स्वभाव से निडर, कुशल नेतृत्वकर्ता और उच्च पद पर आसीन होता है। वहीं जिसकी कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर होती है, उसे कठिन मेहनत के बावजूद भी मेहनत का फल नहीं मिलता है, नौकरी में उच्च अधिकारियों से अनबन रहती है और मान-प्रतिष्ठा में कमी आती है। मान्यता है कि अस्सी घाट पर पवित्र गंगा जल से विद्वान आचार्यों द्वारा आपके नाम गोत्र से दिया गया सूर्य अर्घ्य और पूजन सूर्य के इस दोष को दूर कर आपको अधिकार और सफलता का आशीर्वाद प्रदान करता है।
सूर्य देव की पूजा की महिमा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल में कर्ण को 'सूत-पुत्र' होने के कारण जीवन और करियर में कदम-कदम पर अपमान और भेदभाव का सामना करना पड़ रहा था। इस घोर निराशा से बाहर निकलने और समाज में उच्च स्थान पाने के लिए कर्ण ने अपने पिता सूर्य देव की कठोर साधना की। कर्ण की कठोर साधना के फलस्वरूप उनके अंदर सूर्य जैसा ही तेज, असीम आत्मविश्वास और अटूट इच्छाशक्ति और नेतृत्व क्षमता का संचार हुआ। उनकी इसी अद्भुत योग्यता और तेजस्वी व्यक्तित्व को देखकर दुर्योधन ने उन्हें 'अंग देश' का राजा बनाया और बाद में वे कौरव सेना के प्रधान सेनापति बने।
पूजा के लाभ
करियर में तेज वृद्धि
सूर्य देव की कृपा से पदोन्नति के योग बनते हैं, नई नौकरियों के द्वार खुलते हैं और कार्यस्थल पर उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलता है।
प्रशासनिक व सरकारी सफलता
सरकारी तंत्र, प्रतियोगी परीक्षाओं, कानूनी मामलों और प्रशासनिक कार्यों में आ रही अड़चनें दूर होती हैं।
नेतृत्व शक्ति व प्रभाव
निर्णय लेने की अचूक क्षमता, ओजस्वी विचार और दूसरों पर सकारात्मक प्रभाव डालने की शक्ति का आशीर्वाद मिलता है।
समाज में मान-सम्मान व यश
अपमान, अपयश और ईर्ष्यालु लोगों के षड्यंत्र विफल होते हैं तथा समाज में उच्च प्रतिष्ठा मिलती है।
पूजा प्रक्रिया
गणपति व नवग्रह आवाहन
सर्वविघ्नहर्ता श्री गणेश, माता पार्वती, भगवान शिव एवं नवग्रहपति साक्षात सूर्य नारायण का पूजन व कलश स्थापना।
नाम-गोत्र संकल्प
आपके नाम-गोत्र से आचार्यों द्वारा विशेष संकल्प।
सूर्य देव को विशेष अर्घ्य
अस्सी घाट पर पवित्र गंगा जल, केसर, लाल चंदन, रौली, अक्षत और लाल पुष्पों से सस्वर वेद मंत्रों के साथ सूर्य नारायण को महाअर्घ्य दान।
आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ
महर्षि अगस्त्य द्वारा भगवान राम को युद्ध में विजय हेतु दिया गया सिद्ध 'आदित्य हृदय स्तोत्र' एवं सूर्य गायत्री मंत्रों का सस्वर शुद्ध पाठ।
सूर्य शांति महायज्ञ व आरती
रक्त समिधा, गुग्गल, घृत और विशेष जड़ी-बूटियों से महायज्ञ में आहुतियां देकर साक्षात सूर्य देव की महाआरती।
आपको क्या मिलेगा?
पूजा का पूरा स्पष्ट वीडियो 48 घंटे के भीतर आपके WhatsApp पर भेज दिया जाएगा।
मंदिर विवरण
अस्सी घाट
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब
Puja Gallery
विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।
What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.

