मां बगलामुखी-प्रत्यंगिरा कवच पाठ एवं 21 किलो लाल मिर्च हवन

  • रक्षा एवं विघ्न निवारण
  • शक्ति एवं साहस
  • अकारण रुकावटों का नाश
पांडव यज्ञशाला, नलखेड़ा
सोमवार, 9 नवंबर | कालाष्टमी
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पूजा का महत्व

इस अनुष्ठान का उद्देश्य

  • गुप्त व प्रत्यक्ष शत्रुओं, विरोधियों के षड्यंत्रों और झूठे मुकदमों का स्तंभन

  • तंत्र बाधा, नजर दोष, ईर्ष्या और नकारात्मक ऊर्जा का दोगुने वेग से स्थायी विनाश

  • 'मां प्रत्यंगिरा कवच' और 21 किलो लाल मिर्च हवन से परिवार के चारों ओर अभेद्य सुरक्षा चक्र

  • राजनीति, व्यापार, कानूनी मामलों और करियर में विरोधियों पर विजय प्राप्ति


सोमवती अमावस्या महामुहूर्त में पूजा का महत्व 

शास्त्रों में अमावस्या तिथि तंत्र साधना, गुप्त बाधओं और उग्र शक्तियों की पूजा के लिए वर्ष की सबसे शक्तिशाली और महत्वपूर्ण तिथियों में एक मानी जाती है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में होते हैं, जिससे ब्रह्मांडीय ऊर्जा और मानसिक चेतना का एक विशेष संतुलन बनता है। शास्त्रों के अनुसार, इस तिथि पर किए गए शक्ति के उग्र रूपों के लिए किए गए पूजा-पाठ, यज्ञ-हवन अत्यधिक फलदायी माने जाते हैं। अगर अमावस्या सोमवार को पड़े तो इसे सोमवती अमावस्या कहते हैं। सोमवती अमावस होने पर यह तिथि शिव-शक्ति की कृपा वाला महामुहूर्त बन जाता है। इस दिन '21 किलो लाल मिर्च हवन' से शत्रुओं का स्तंभन और नकारात्मक शक्तियों का नाश पल भर में हो जाता है।

21 किलो लाल मिर्च हवन का प्रभाव 

मां बगलामुखी शत्रुओं की वाक्, बुद्धि और गति का स्तंभन करने वाली देवी हैं, जबकि शत्रु-विनाशिनी देवी प्रत्यंगिरा किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा और तांत्रिक प्रभाव को भेजने वाले के पास ही पलट देती हैं। तंत्र-शास्त्र के अनुसार, मां प्रत्यंगिरा और मां बगलामुखी के निमित्त 21 किलो तीखी लाल मिर्च (कंटक/कटु द्रव्य) की आहुतियां देना शत्रु-विनाश और बाधा-शमन का सबसे अचूक उपाय है। लाल मिर्च की तीखी आहुतियों से निकलने वाली ऊर्जा शत्रुओं के कुचक्रों, ईर्ष्या, मुकदमेबाजी और तंत्र प्रहारों को अग्नि में भस्म कर आपके जीवन में सुरक्षा का कवच निर्मित कर देती है।

मां बगलामुखी व मां प्रत्यंगिरा की दिव्य महिमा

शास्त्रों में मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं की 8वीं शक्ति 'ब्रह्मास्त्ररूपिणी' कहा गया है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब मदनासुर दैत्य को ब्रह्माजी से वरदान मिला कि उसका बोला हर शब्द सत्य होगा, तो उसने अपनी वाक्-सिद्धि से तबाही मचा दी। वह केवल बोलकर ऋषियों और राजाओं को भस्म कर देता था। तब देवताओं की पुकार पर मां पीताम्बरा मां बगलामुखी प्रकट हुईं और जैसे ही मदनासुर ने देवी पर प्रहार करने के लिए मुंह खोला, मां बगलामुखी ने उसकी जीभ खींचकर उसकी शक्ति का 'स्तम्भन' (पंगु) कर दिया और गदा से उसका अंत किया। मां का यही स्तम्भन चमत्कार आज भी शत्रुओं, मुकदमों और विरोधियों की जुबान व कुबुद्धि को बांध देता है।

शास्त्रों में मां प्रत्यंगिरा को सबसे तीव्र और उग्र शक्तियों में से एक माना गया है। पौराणिक कथा के अनुसार, रामायण युद्ध के दौरान मेघनाद युद्ध में पराजित होने की स्थिति में इन्हीं देवी का गुप्त अनुष्ठान व निकुंभिला यज्ञ करने जा रहा था। मान्यता है कि यदि मेघनाद यह अनुष्ठान पूरा कर लेता, तो उसे युद्ध में मारना असंभव हो जाता। इसीलिए विभीषण जी की सलाह पर भगवान लक्ष्मण ने मेघनाद के इस यज्ञ को पूरा नहीं होने दिया। मां प्रत्यंगिरा की महिमा यह है कि ये शत्रुओं द्वारा किए गए तंत्र व षड्यंत्र के प्रहार को रोकती ही नहीं, बल्कि दोगुने वेग से प्रहार करने वाले पर ही उलट देती हैं।


पूजा के लाभ

1

सुरक्षा चक्र व नकारात्मकता से मुक्ति

मां बगलामुखी और प्रत्यंगिरा देवी का अमोघ कवच जातक और उसके परिवार के चारों ओर एक सुरक्षा चक्र निर्मित करता है, जिससे तंत्र-मंत्र और नजर दोष निष्प्रभावी हो जाते हैं।

2

शत्रुओं और मुकदमों पर पूर्ण विजय

कोर्ट-कचहरी के विवादों, व्यापारिक प्रतिस्पर्धियों और गुप्त शत्रुओं की चालें विफल होती हैं तथा उनकी बुद्धि कुंठित हो जाती है।

3

समृद्धि और धन-धान्य का आगमन

जीवन में आ रही आर्थिक रुकावटें दूर होती हैं, नए आय के स्रोत बनते हैं और व्यापार व नौकरी में अपार सफलता प्राप्त होती है।

4

भय, तनाव और मानसिक अशांति का नाश

अज्ञात भय, चिंता और अवसाद दूर होता है तथा जीवन में आत्मबल और सकारात्मकता का संचार होता है।

पूजा प्रक्रिया

1

नाम-गोत्र संकल्प

नाम- गोत्र से शत्रु विजय, सर्व-बाधा शांति और अखंड समृद्धि का विशेष संकल्प।

2

गणपति एवं नवग्रह आवाहन

विघ्नहर्ता श्री गणेश, क्षेत्रपाल भैरव बाबा और नवग्रहों का पूजन व कलश स्थापना।

3

मां बगलामुखी व प्रत्यंगिरा कवच पाठ

वैदिक आचार्यों द्वारा मां बगलामुखी और महा-प्रत्यंगिरा स्तोत्र व कवच का सस्वर पाठ।

4

21 किलो लाल मिर्च महाहवन

विशेष तांत्रिक विधि से 21 किलो लाल मिर्च, राई, पीली सरसों और विशेष हवन सामग्रियों द्वारा शत्रु बुद्धि विनाशिनी महाअग्नि में आहुतियां।

5
✦ The Core Ritual

पूर्णाहुति व महाआरती

मां बगलामुखी की आरती के साथ जातक की सुरक्षा और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना।

आपको क्या मिलेगा?

पूजा का स्पष्ट वीडियो 48 घंटे के भीतर आपके WhatsApp पर भेज दिया जाएगा।

मंदिर विवरण

पांडव यज्ञशाला

नलखेड़ा
मध्य प्रदेश का नलखेड़ा मां बगलामुखी का वह तीर्थ क्षेत्र है, जहां पांडवों ने महाभारत युद्ध में विजय पाने के लिए महा-अनुष्ठान किया था। यह तीर्थ क्षेत्र भारत के तीन प्रमुख मां बगलामुखी सिद्धपीठों में से एक है। इस तीर्थ क्षेत्र में स्थित पांडव यज्ञशाला में मां बगलामुखी के अनुष्ठान, पूर्ण विधि-विधान से संपन्न किए जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब

Family Puja

घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।

ल
ललिता देवी
प्रयागराज
Verified
Private Puja

विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।

स
सुजाता डलास
शिकागो
Verified
Individual

What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.

र
रमेश कुमार
बेंगलुरु
Verified

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ल

ललिता देवी

घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।

5.0
स

सुजाता डलास

विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।

5.0
र

रमेश कुमार

What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.

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वेदा मंदिर द्वारा पूर्ण वैदिक विधान से होने वाली पूजाओं में शामिल हों, सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति प्राप्त करें।
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पूजा सम्पन्न होने के 48 घंटे के भीतर पूजा का वीडियो आपके व्हाट्सऐप पर भेज दिया जाएगा।

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