घर बैठे पूजा बुक कराई और पूजा का वीडियो WhatsApp पर आ गया। दूर रहते हुए भी ऐसा लगा जैसे मंदिर में ही हों।
मां बगलामुखी, संकट मोचन हनुमान एवं काल भैरव सर्व कष्ट निवारण पूजा एवं यज्ञ
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पूजा का महत्व
इस अनुष्ठान का उद्देश्य
मां बगलामुखी की कृपा से शत्रुओं की बुद्धि का स्तम्भन, विरोधियों व कोर्ट- कचहरी मामलों में विजय
बाबा काल भैरव के आशीर्वाद से बुरी नजर, प्रेत बाधा व सभी नौ ग्रह के दुष्प्रभावों से राहत
संकट मोचन हनुमान की कृपा से जीवन के भारी से भारी कष्टों, रोग, शोक और मानसिक तनाव से मुक्ति
एक साथ मां बगलामुखी, काल भैरव और हनुमान जी के पूजन से साधक व उसके परिवार के चारों ओर अभेद्य रक्षा कवच का निर्माण
दुर्गा अष्टमी महामुहूर्त में इस पूजा का महत्व
अष्टमी तिथि आदि शक्ति मां दुर्गा को समर्पित है। इसे दुर्गाष्टमी कहा जाता है। साथ ही यह अष्टमी तिथि महादेव के अवतार बाबा कालभैरव को भी समर्पित है, जिन्हें ग्रहों का नियंत्रक भी कहा जाता है। इसलिए अष्टमी को कालाष्टमी और दुर्गाष्टमी दोनों रूपों में मनाया जाता है। इस महामुहूर्त पर मां दुर्गा और कालभैरव की संयुक्त साधना अत्यंत फलदायी माना जाता है। मां दुर्गा और महादेव के अलग-अलग रूप हमारी जिंदगी में आने वाले अलग-अलग तरह के खतरों, संकटों और बाधाओं का नाश करने वाले माने जाते हैं। इस परम तिथि पर अगर मां बगलामुखी, भगवान काल भैरव व रुद्रावतार संकटमोचन हनुमान का संयुक्त अनुष्ठान कराया जाए, तो हमें गुप्त शत्रुओं, तंत्र बाधा और जिंदगी के तमाम संकटों से एक साथ मुक्ति का आशीर्वाद मिल सकता है। मान्यता है कि इन त्रि-शक्तियों की एक साथ कृपा से परिवार के चारों ओर अभेद्य रक्षा कवच का निर्माण होता है।
मां बगलामुखी, काल भैरव व संकटमोचन हनुमान की महिमा
मां बगलामुखी को शास्त्रों में दस महाविद्याओं की 8वीं शक्ति 'ब्रह्मास्त्ररूपिणी' कहा गया है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब मदनासुर दैत्य को ब्रह्माजी से वरदान मिला कि उसका बोला हर शब्द सत्य होगा, तो उसने अपनी वाक्-सिद्धि से तबाही मचा दी। वह केवल बोलकर ऋषियों और राजाओं को भस्म कर देता था। तब देवताओं की पुकार पर मां पीताम्बरा मां बगलामुखी प्रकट हुईं और जैसे ही मदनासुर ने देवी पर प्रहार करने के लिए मुंह खोला, मां बगलामुखी ने उसकी जीभ खींचकर उसकी शक्ति का 'स्तम्भन' (पंगु) कर दिया और गदा से उसका अंत किया। मां का यही स्तम्भन चमत्कार आज भी शत्रुओं, मुकदमों और विरोधियों की जुबान व कुबुद्धि को बांध देता है।
भगवान काल भैरव भगवान शिव के पांचवें और सबसे उग्र रुद्रावतारों में से एक हैं। उन्हें 'काल यानी समय व ग्रहों की गति के नियंत्रक', 'भय नाशक' व 'ब्रह्मांड का सर्वोच्च दण्डनायक' माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब ब्रह्मांड में नौ ग्रहों की चाल बिगड़ने से राहु-केतु का क्रूर प्रभाव बढ़ा, तब चारों ओर बुरी नजर, भूत-प्रेत और भयानक तंत्र-बाधाओं का आतंक फैल गया, जिससे पीड़ित होकर देवता भगवान शिव की शरण में पहुंचे। महादेव के आदेश पर संकटों के नाश के लिए भगवान शिव के रौद्र रूप भगवान काल भैरव प्रकट हुए, जिनकी एक हुंकार से ही समस्त नकारात्मक शक्तियां और प्रेत-बाधाएं थर-थर कांपकर भाग खड़ी हुईं। काल भैरव के इस प्रचंड वेग को देखकर शनि देव सहित सभी नवग्रहों ने उनके चरणों में आत्मसमर्पण कर दिया और वचन दिया कि जो भी भक्त बाबा भैरव की शरण में आएगा, उसे ग्रहीय पीड़ा और बुरी नजर से सदा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
संकटमोचन हनुमान भी भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार और सभी कष्टों के हर्ता हैं। यहां तक कि स्वयं भगवान श्री हरि विष्णु के रामावतार के कष्टों के निवारण में महावीर हनुमान सबसे आगे रहे हैं। चाहें माता सीता का पता लगाना हो या भाई लक्ष्मण के प्राण बचाना, प्रभु श्रीराम के सभी संकटों को बजरंग बली ने हरा था। मान्यता है कि हनुमान जी पूजा से सभी कष्टों का निवारण हो जाता है।
"नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा।"
अर्थात, जो व्यक्ति निरंतर हनुमान जी के नाम का स्मरण करता है, उसके सभी रोग, शोक, भूत-प्रेत की बाधाएं और मानसिक तनाव तुरंत दूर हो जाते हैं।
पूजा के लाभ
शत्रुओं व मुकदमों पर विजय
मां बगलामुखी की कृपा से गुप्त व प्रकट शत्रुओं के षड्यंत्र निष्फल होते हैं, व्यापार में सफलता व कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय मिलती हैं।
बुरी नजर व ग्रह के दुष्प्रभावों से राहत
काल भैरव की कृपा से घर-परिवार पर किए-कराए, टोने-टोटके, बुरी नजर या प्रेत बाधा का असर पूरी तरह खत्म होता है। काल भैरव के आशीर्वाद से सभी नौ ग्रहों के दुष्प्रभावों से राहत मिलती है।
समस्त कष्टों का शमन
संकट मोचन हनुमान जी के आशीर्वाद से शारीरिक व्याधियां, अकारण डर, मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी दूर होती है।
अभेद्य सुरक्षा
मां बगलामुखी, काल भैरव व संकटमोचन की एक साथ कृपा से जातक के चारों ओर अभेद्य सुरक्षा चक्र बन जाता है।
पूजा प्रक्रिया
नाम-गोत्र संकल्प
आचार्यों द्वारा आपके नाम-गोत्र के साथ वेदोक्त महासंकल्प।
गणपति व भैरव-हनुमान आवाह्न
सर्वविघ्नहर्ता श्री गणेश, क्षेत्रपाल काल भैरव, संकट मोचन हनुमान एवं मां बगलामुखी का विधिवत पूजन व कलश स्थापना।
मूल मंत्र जाप
आचार्यों द्वारा मां बगलामुखी बीज मंत्र, काल भैरव मंत्र और हनुमान जी के संकट मोचन मंत्रों का जाप।
सर्व कष्ट निवारण महायज्ञ व आरती
पवित्र हवन कुंड में विशेष जड़ी-बूटियों, सरसों, तिल और घृत से आहुतियां देकर पूर्णाहुति एवं महाआरती की जाएगी।
आपको क्या मिलेगा?
आपके नाम-गोत्र से संपन्न पूजा का वीडियो 48 घंटे के अंदर आपके WhatsApp पर भेजा जाएगा।
मंदिर विवरण
पांडव यज्ञशाला
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाब
Puja Gallery
विदेश में रहकर भी काशी में हमारे नाम से पूजा हो गई। इतन अच्छे से तो घर में भी सबकुछ नहीं हो पाता।
What a platform? I never thought that, Veda Mandir people perform Puja so Nicely.

